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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Along with the seizure of the bribe amount, it is also essential to prove the demand for an undue advantage.

MP News: रिश्वत की राशि जब्त करने के साथ असम्यक लाभ की मांग प्रमाणित होना भी आवश्यक, न्यायालय ने किया दोषमुक्त

Mon, 10 Aug 2026 09:47 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 10 Aug 2026 09:47 PM IST
सार

जबलपुर विशेष न्यायालय ने रिश्वत मामले में सहायक ग्रेड-2 प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि रिश्वत की राशि की बरामदगी मात्र से पीसी एक्ट के तहत अपराध सिद्ध नहीं होता। आरोपी द्वारा असम्यक लाभ की मांग किए जाने का तथ्य भी प्रमाणित होना आवश्यक है।

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Along with the seizure of the bribe amount, it is also essential to prove the demand for an undue advantage.
जबलपुर जिला न्यायालय

विस्तार

जबलपुर जिला न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि पीसी एक्ट के तहत सजा से दंडित करने के लिए रिश्वत की राशि जब्त करने के साथ असम्यक लाभ की मांग प्रमाणित होना भी आवश्यक है। विशेष न्यायाधीश मनीष सिंह ठाकुर ने उक्त आदेश के साथ आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।

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अभियोजन के अनुसार लोकायुक्त जबलपुर द्वारा संभागीय उपायुक्त कार्यालय वाणिज्य कर कार्यालय में सहायक ग्रेड 2 के पद पर पदस्थ प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। उनके द्वारा एसोसिएटेडेट इलेक्ट्रिकल एजेंसी मुंबई के अधिकृत प्रतिनिधि सुरेश कुमार गुप्ता से सेल्स टैक्स के निर्धारण से संबंधित फाइल दिखाने व प्रस्तुत करने के एवज में रिश्वत ले रहा था।
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अभियुक्त की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता नम्रता के अग्रवाल ने विशेष न्यायालय को बताया कि रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग में आरोपी की आवाज होने के तथ्य प्रमाणित नहीं है। शिकायतकर्ता व अभियुक्त पूर्व के परिचित थे और दोनों के बीच कुछ समय पूर्व विवाद हुआ था। शिकायतकर्ता की तरफ जिस संबंधित मामले की फाइल दिखाने व प्रस्तुत करने के एवज में रिश्वत मांग की बात गई है, वह अपील बोर्ड भोपाल का आदेश था। जो पूर्व में ही संबंधित जर्नल में प्रकाशित हो गया था।

विशेष न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि पीसी एक्ट की धारा 20 के तहत उपधारण किए जाने के लिए अभियुक्त के आधिपत्य से फिनाफथनील पाउडर नोट बरामद होना ही पर्याप्त नहीं है। असम्यक लाभ की मांग किए जाने के तथ्य भी प्रमाणित होना आवश्यक है। सिर्फ मुद्रा की बरामदगी मात्र से पीसी एक्ट की धारा 7 के अंतर्गत अपराध का गठन नही होता है। विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त करने के आदेश जारी किए।

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