हाईकोर्ट सख्त: आदेश नहीं मानने पर MSME विभाग के तीन अफसरों के खिलाफ वारंट जारी, प्रमोशन मामले में कसा शिकंजा
हाईकोर्ट ने नवंबर 2024 में पारित आदेश में संबंधित अधिकारियों को 90 दिनों के भीतर पदोन्नति पर फैसला लेने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय सीमा गुजर जाने के बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद अवमानना याचिका दायर की गई।
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जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक मिश्रा की एकलपीठ ने पूर्व में पारित आदेश का निर्धारित समय सीमा में पालन नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया है। अदालत ने आदेश की अवहेलना के मामले में सुनवाई करते हुए एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह, आयुक्त दिलीप कुमार सिंह और जिला उद्योग केंद्र रीवा के जनरल मैनेजर राहुल दुबे के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी किए हैं। न्यायालय ने भोपाल और रीवा के एसपी को वारंट तामील कराने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 मई को तय की है।
जिला उद्योग केंद्र रीवा में पदस्थ असिस्टेंट मैनेजर जय प्रकाश तिवारी की ओर से दायर अवमानना याचिका में कहा गया कि वे मैनेजर पद पर पदोन्नति पाने के पात्र थे, लेकिन विभाग ने उनके प्रमोशन पर कोई निर्णय नहीं लिया। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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हाईकोर्ट ने नवंबर 2024 में पारित आदेश में संबंधित अधिकारियों को 90 दिनों के भीतर पदोन्नति पर फैसला लेने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय सीमा गुजर जाने के बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद अवमानना याचिका दायर की गई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि तीनों अधिकारियों को नोटिस विधिवत तामील हो चुके हैं, इसके बावजूद उनकी ओर से कोई भी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए।

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