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Jabalpur: नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में बायोलॉजी की अनिवार्यता को चुनौती, हाईकोर्ट का निर्देश- सभी आवेदन स्वीकार हो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2026 10:24 PM IST
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सार
नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में जीव विज्ञान की अनिवार्यता को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सभी अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार करने को कहा है, जिससे उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है।
नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में जीव विज्ञान की अनिवार्यता के चुनौती
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विस्तार
मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती के लिए जीव विज्ञान की अनिवार्यता को चुनौती देते हुए दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान एकल पीठ ने कर्मचारी चयन मंडल को सभी अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार करने के निर्देश दिए हैं और मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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यह याचिका जबलपुर निवासी ज्योति साहू सहित अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि भर्ती विज्ञापन में तय शर्तें मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2023 के विपरीत हैं। नियमों के अनुसार जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी को नर्सिंग ऑफिसर पद के लिए पर्याप्त योग्यता माना गया है लेकिन विज्ञापन में जीएनएम अभ्यर्थियों के लिए पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की अतिरिक्त शर्त जोड़ दी गई।
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याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि विज्ञापन की एक शर्त के तहत 10+2 स्तर पर भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान को अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि उन्होंने जब जीएनएम कोर्स में प्रवेश लिया था, तब ऐसी कोई बाध्यता नहीं थी। उनके अनुसार भर्ती के समय अचानक यह शर्त जोड़ना अनुचित और भेदभावपूर्ण है, खासकर जब अन्य राज्यों में ऐसी अनिवार्यता नहीं है।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकल पीठ ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। साथ ही निर्देश दिया है कि सभी पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार किए जाएं। मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने पैरवी की। फिलहाल इस फैसले से कई अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है और अब अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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