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Jabalpur News: मास्टर प्लान ड्राफ्ट के प्रकाशन में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, 8 हफ्ते के भीतर निपटाने के निर्देश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sat, 18 Apr 2026 11:05 PM IST
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सार

जबलपुर मास्टर प्लान के ड्राफ्ट के प्रकाशन में देरी को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को 8 सप्ताह के भीतर अभ्यावेदन का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

Jabalpur News: HC pulls up delay in master plan draft publication, directs disposal within 8 weeks
मास्टर प्लान ड्राफ्ट प्रकाशन के लिए कोर्ट के सख्त निर्देश
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विस्तार

मास्टर प्लान के ड्राफ्ट का समय पर प्रकाशन न किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण 8 सप्ताह के भीतर किया जाए।
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याचिका क्रेडाई बिल्डर एसोसिएशन जबलपुर के दीपक अग्रवाल की ओर से दायर की गई थी। इसमें कहा गया कि जबलपुर का मास्टर प्लान 2008 से प्रभावी था, जिसकी अवधि 2021 में समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक नया मास्टर प्लान लागू नहीं किया गया है, जिससे शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2014 में नगर निगम सीमा में 125 गांवों को शामिल किया गया था, लेकिन उनके लिए भी अब तक मास्टर प्लान तैयार नहीं किया गया। इसके कारण निर्माण कार्यों की स्वीकृति में बाधा आ रही है और अवैध निर्माण बढ़ने से सरकार को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

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नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा 31 जनवरी 2026 को अधिनियम की धारा 18 के तहत मास्टर प्लान ड्राफ्ट प्रकाशन के लिए भेजा गया था, लेकिन दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी इसका प्रकाशन नहीं किया गया। इस संबंध में अभ्यावेदन देने के बावजूद कार्रवाई न होने पर याचिका दायर की गई।

सरकार की ओर से मामले को विचाराधीन बताया गया। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एन.एल. भट्ट की एकल पीठ ने अभ्यावेदन के निराकरण के लिए 8 सप्ताह की समय-सीमा तय की है। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पैरवी की।
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