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MP News: दिल्ली हाईकोर्ट मीडिएशन सेंटर के एक्सपर्ट करें दंपति में सुलह का प्रयास, जबलपुर हाईकोर्ट का आदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Tue, 24 Jun 2025 02:53 PM IST
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सार

हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के बीच सुलह कराने के लिए उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के मेडिएशन सेंटर में भेजने का आदेश दिया है। बच्ची पिता की कस्टडी में रहेगी और मां उससे मिल सकेगी। अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी।

Experts of Delhi High Court Mediation Center should try to reconcile the couple
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

जबलपुर हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के बीच सुलह की कोशिश के तहत दिल्ली हाईकोर्ट के मेडिएशन सेंटर के विशेषज्ञ को मध्यस्थता का जिम्मा सौंपा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने दंपति को 2 जुलाई को विशेषज्ञ के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई 31 जुलाई को निर्धारित की गई है।

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रीवा रोड, सतना निवासी मेघा गांधी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि पारिवारिक विवाद के कारण वह अपनी साढ़े तीन वर्षीय बेटी के साथ पति से अलग रह रही थीं। 20 मार्च को जब वह अपनी बेटी के साथ बाजार गई थीं, उस दौरान बच्ची कार में बैठी थी और वह दुकान में सामान लेने चली गईं। इसी बीच उनके पति राहुल बेटी को कार से लेकर चले गए। राहुल ने फोन कर बताया कि बच्ची उसके साथ है। इसके बाद मेघा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे मजबूर होकर याचिका दायर की गई।
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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य शासन, गृह सचिव, एसपी सतना, थाना प्रभारी सतना कोतवाली और पति राहुल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। साथ ही पति को बच्ची के साथ अगली सुनवाई में उपस्थित होने का आदेश दिया गया था।

पिछली सुनवाई में पति-पत्नी ने अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा। युगलपीठ ने पाया कि कोई गंभीर ऐसा मुद्दा नहीं है, जिसका समाधान न हो सके। अदालत ने कहा कि बच्चों के लिए दोनों माता-पिता की भूमिका अहम होती है। युगलपीठ ने दंपति को आपसी समझौते से विवाद सुलझाने की सलाह दी। इस दौरान बच्ची पिता की कस्टडी में रहेगी और मां उससे मिल सकेंगी।

हाल की सुनवाई में दंपति ने अदालत को बताया कि उनके बीच बातचीत चल रही है, लेकिन अभी समझौता नहीं हुआ है। इसके आधार पर युगलपीठ ने दंपति को दिल्ली हाईकोर्ट मेडिएशन सेंटर भेजने के आदेश जारी किए।

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