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MP News: जबलपुर मेडिकल कॉलेज में 1.63 करोड़ का वित्तीय घोटाला! पांच पर केस, तीन आरोपी गिरफ्तार
Tue, 18 Aug 2026 01:42 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 01:42 PM IST
सार
जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में 2020 से 2025 के बीच 1.63 करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय राशि बैंक खातों में जमा नहीं कराने का मामला सामने आया है। आंतरिक कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर गढ़ा पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एक करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपये के वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। गढ़ा पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। गढ़ा सीएसपी आशीष जैन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा में छात्रों की फीस, आईपीडी, ओपीडी एवं अन्य मदों से प्राप्त नकद राशि मनी रसीद बुक के माध्यम से प्राप्त की जाती है। कैश शाखा में वित्तीय घोटाले की जांच के लिए आंतरिक कमेटी का गठन किया गया था।
मेडिकल कॉलेज की कमेटी की जांच के दौरान एक अप्रैल 2020 से 30 नवंबर 2025 के बीच मनी रसीद बुक से प्राप्त राशि और निर्धारित बैंक खातों में जमा की गई राशि में अंतर पाया गया। जांच में सामने आया कि इस अवधि के दौरान 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपये की शासकीय राशि संबंधित बैंक खातों में जमा नहीं कराई गई। आरोप है कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत इस राशि का गबन किया गया।
कैश शाखा में पदस्थ थे आरोपी
कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि इस दौरान कैश शाखा में मनोहर केवट, सेवानिवृत्त कैशियर, श्रीमती साधना चंद्रोल, कैशियर, भानू सिंह शाक्यवार, सहायक ग्रेड-3, अरविंद धुर्वे, सह-प्रभारी और विशाल सराठे, सहायक ग्रेड-3 सहित अन्य कर्मचारी पदस्थ थे। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने वित्तीय अनियमितता के संबंध में गढ़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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ये भी पढ़ें- MP: ‘99 गालियां सुनो, 100वीं पर दो जवाब’, विधायक प्रीतम लोधी का वीडियो वायरल; क्यों कृष्ण-शिशुपाल उल्लेख किया?
पांच के खिलाफ केस, तीन गिरफ्तार
पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 316, 318 और 61 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले को विवेचना में लिया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को अभिरक्षा में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस वित्तीय अनियमितता से जुड़े अन्य तथ्यों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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मेडिकल कॉलेज की कमेटी की जांच के दौरान एक अप्रैल 2020 से 30 नवंबर 2025 के बीच मनी रसीद बुक से प्राप्त राशि और निर्धारित बैंक खातों में जमा की गई राशि में अंतर पाया गया। जांच में सामने आया कि इस अवधि के दौरान 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपये की शासकीय राशि संबंधित बैंक खातों में जमा नहीं कराई गई। आरोप है कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत इस राशि का गबन किया गया।
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कैश शाखा में पदस्थ थे आरोपी
कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि इस दौरान कैश शाखा में मनोहर केवट, सेवानिवृत्त कैशियर, श्रीमती साधना चंद्रोल, कैशियर, भानू सिंह शाक्यवार, सहायक ग्रेड-3, अरविंद धुर्वे, सह-प्रभारी और विशाल सराठे, सहायक ग्रेड-3 सहित अन्य कर्मचारी पदस्थ थे। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने वित्तीय अनियमितता के संबंध में गढ़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पांच के खिलाफ केस, तीन गिरफ्तार
पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 316, 318 और 61 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले को विवेचना में लिया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को अभिरक्षा में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस वित्तीय अनियमितता से जुड़े अन्य तथ्यों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
