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Jabalpur News: नीलामी की राशि जमा कराए बिना आवंटित कर दी दुकानें, नप अध्यक्ष-CMO-राजस्व अधिकारी सहित 23 पर FIR
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 10:46 PM IST
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सार
लखनादौन नगर परिषद में दुकानों के आवंटन में अनियमितता पर ईओडब्ल्यू ने अध्यक्ष, सीएमओ, अधिकारियों व पार्षदों सहित 23 लोगों पर मामला दर्ज किया। बिना राशि जमा कराए कब्जा देने, किराया न वसूलने और आरक्षित दुकानों के गलत आवंटन से शासन को लगभग 83 लाख रुपये की क्षति हुई।
FIR Demo
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखनादौन नगर परिषद ने नीलामी के माध्यम से दुकानों का आवंटन किया गया, परंतु खरीदारों से राशि नहीं जमा कराई गई। इसके बाद उसने दुकान का निर्धारित किराया भी नहीं वसूला गया। पद का दुरुपयोग करते हुए आरक्षित वर्ग के लिए आरक्षित दुकानों का आवंटन आरक्षित व्यक्तियों को कर दिया गया। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद नगर परिषद लखनादौन की अध्यक्ष, सीएमओ, राजस्व अधिकारी एवं पार्षदों सहित 23 के खिलाफ भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग व धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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ईओडब्ल्यू से प्राप्त जानकारी अनुसार नगर परिषद लखनादौन ने 8 शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 75 दुकानें निर्मित कराने एवं नीलामी हेतु निविदा की कार्यवाही की गई थी। सभी दुकानों की उच्चतम बोलियों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। आरक्षण नियम के अनुसार प्रत्येक कॉम्प्लेक्स में कौन से नम्बर की दुकान आरक्षित होगी यह निर्धारित की गई थी। नियमों के अनुसार 21 दिन के भीतर नीलामी की 25 प्रतिशत की राशि जमा की जाना थी और शेष राशि अंतिम स्वीकृति के 120 दिन के अंदर जमा की जानी थी। नगर परिषद द्वारा दुकान की प्रति माह किराये भी लिया जाना था। मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा दुकानदारों से मिलीभगत कर बिना अनुबंध किए तथा बिना पूरी राशि जमा कराए दुकानों का कब्जा दे दिया है। ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों ने नीलामी की राशि लगभग 79,82,500 रुपए जमा नहीं की थी। इन दुकानदारों से नियमानुसार किराए की राशि भी नहीं वसूली गई थी। इस प्रकार शासन को 83 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुचाई गई।
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दुकानदार वैभव दुबे ने कॉम्प्लेक्स ए की दुकान नंबर 9 के लिए नीलामी में उच्चतम बोली लगाई थी। इसके बाद उसने अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित दुकान नंबर 7 प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया था। आवेदन पर नगर परिषद लखनादौन की प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक में आवेदन के आधार पर प्रस्ताव पारित कर दिया। नियमानुसार यदि किसी आरक्षित दुकान की नीलामी तीन बार में नहीं होती है तो परिषद उस आरक्षित दुकान को अनारक्षित घोषित कर इसकी नीलामी की कार्यवाही कर सकती है।
जबलपुर ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद गजेन्द्र पाण्डेय (तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी), गीता वाल्मीक (तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी), रवि झारिया (राजस्व उप निरीक्षक), भागचंद अहिरवार, तेजस्व जैन, शैलेन्द्र उर्फ सोनू यादव, सीमा गोल्हानी, संगीता गोल्हानी, बुलबुल जैन, खूबचंद चौकसे, सतीश उइके, देवेन्द्र राय श्रीवास्तव, सतेन्द्र विश्वकर्मा, गणेश पटेल, विकास नामदेव, शिवप्रसाद गोल्हानी, वैभव दुबे, नगर पालिका परिषद लखनादौन की प्रेसिडेंट इन काउंसिल के सदस्य मीणा बलराम गोल्हानी, देवकी शिवकुमार झारिया,. संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, अनीता संदीप जैन, सविता गोलू कुमरे एवं अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

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