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MP News: नदी पार करने स्टाॅप डेम के पिलरों से कूदकर विद्यार्थी जाते हैं स्कूल, हाईकोर्ट ने जारी किए नोटिस

Thu, 06 Aug 2026 04:52 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 06 Aug 2026 04:52 PM IST
सार

विदिशा में स्कूली बच्चों के स्टॉप डैम के पिलरों पर चलकर बेतवा नदी पार करने के मामले का हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा और दो शिक्षकों वाले अस्थायी हाई स्कूल पर नाराजगी जताई। पुल या सुरक्षित मार्ग के सुझाव मांगे गए। अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।

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Students cross the river to get to school by jumping across the pillars of the stop dam
हाईकोर्ट मप्र

विस्तार

हाईकोर्ट ने विदिशा जिले के गुलाबगंज तहसील में छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने के लिए जान जोखिम में डालकर स्टॉप डैम के बने पिलरों पर कूदकर बेतवा नदी के पार किए जाने के संबंधित प्रकाशित खबरों को संज्ञान में किया है। हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मिलने ने मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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इस मामले से जुड़ी खबर अमर उजाला पर पढ़ें: 5KM बचाने के लिए मौत से मुकाबला! विदिशा में स्टॉपडैम लांघकर स्कूल जाते हैं बच्चे, पुल व हाईस्कूल की मांग तेज
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स्टाॅप डैम के लिए पिलरों से कूदकर स्कूली छात्र द्वारा नदी पार करने की तस्वीर के साथ प्रकाशित खबर में कहा गया था सड़क मार्ग से जाने के लिए उन्हें 10 से 15 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। बेतवा नदी में स्टॉप डैम के लिए बने 9 पिलरों का उपयोग छात्र-छात्राएं स्कूल जाने के लिए करते हैं। शासकीय हाई स्कूल पलोह पहुंचने के लिए स्कूली छात्र रोजाना अपनी जान जोखिम में डालते हैं। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि स्टॉप डैम के दोनों तरफ बेरिकेडिक कर चौकीदार की नियुक्ति की गई है। न्यायिक अधिकारियों की टीम द्वारा भी निरीक्षण किया गया है। किरमची बंधेरा के माध्यमिक स्कूल को अपग्रेड कर हाई स्कूल में तब्दील करने का प्रस्ताव लोक शिक्षण संचालनालय को भेजा गया है। वर्तमान में उक्त स्कूल में अस्थाई तौर पर हाई स्कूल में तब्दील कर दो शिक्षकों को नियुक्ति किया गया है।
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युगलपीठ ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि अस्थाई तौर पर बनाए गए स्कूल में दो शिक्षक सभी विषय कैसे पढ़ा सकते हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। युगलपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ तथा अधिवक्ता हिमांशु मिश्रा को कोर्ट मित्र अधिवक्ता नियुक्त करते हुए उनसे नदी में पुल बनाने या स्टॉप डैम बनाकर आने जाने के लिए रास्ता बनाने जाने के संबंध में सुझाव मांगे हैं। युगलपीठ ने इस संबंध में रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी करते हुए प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव और विदिशा कलेक्टर को नोटिस जारी करते हुए स्टेटस रिपोर्ट के साथ जवाब प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई 21 सितंबर को निर्धारित की गई है।

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