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Jabalpur News: बोनस अंक विवाद में घिरी प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा, हाईकोर्ट सख्त, बन सकती है नई मेरिट लिस्ट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 07 May 2026 09:39 AM IST
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सार

प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 की मेरिट सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अपात्र अभ्यर्थियों को गलत तरीके से बोनस अंक दिए जाने के आरोपों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नई मेरिट सूची बनाए जाने के संकेत दिए हैं।

Jabalpur: Primary Teacher Recruitment Exam Hit by Bonus Marks Row, High Court Strict; New Merit List Likely
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
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विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 के परिणामों में कथित गड़बड़ी और अपात्र अभ्यर्थियों को गलत तरीके से बोनस अंक दिए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान जस्टिस विशाल धगट ने ओपन कोर्ट में टिप्पणी करते हुए गलत तरीके से दिए गए बोनस अंकों को अवैधानिक बताया और नई मेरिट सूची तैयार करने के संकेत दिए।

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यह याचिका नरसिंहपुर निवासी सोनम अगरैया सहित अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 के भर्ती विज्ञापन की कंडिका 7.7 के अनुसार केवल उन अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत बोनस अंक दिए जाने थे, जिनके पास भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा में डिप्लोमा हो।
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याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चयन सूची में करीब 14,964 अभ्यर्थियों ने खुद को इस श्रेणी में दिखाकर बोनस अंक प्राप्त कर लिए। जबकि आरसीआई के आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में केवल 2,194 कार्मिक और 3,077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। ऐसे में करीब 15 हजार अभ्यर्थियों का विशेष शिक्षा प्रमाणपत्र धारक होना प्रथम दृष्टया संदिग्ध और फर्जी प्रतीत होता है।

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याचिका में यह भी बताया गया कि लोक शिक्षण संचालनालय ने जनवरी 2026 में विभाग को पत्र लिखकर आगाह किया था कि लगभग 18 हजार उम्मीदवारों द्वारा हां विकल्प चुनना असामान्य है। इसके बावजूद पोर्टल सुधार प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों से आरसीआई पंजीकरण संख्या या प्रमाण पत्र की जांच नहीं कराई गई।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इसी वजह से बड़ी संख्या में अपात्र उम्मीदवार बोनस अंक लेकर मेरिट सूची में शामिल हो गए। याचिका में 27 फरवरी 2026 को जारी मेरिट सूची को रद्द कर केवल वैध आरसीआई प्रमाण पत्र धारकों को बोनस अंक देकर नई मेरिट सूची जारी करने की मांग की गई है।

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