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MP: जबलपुर में नहर निर्माण घोटाला के मामला, ठेकेदार और तत्कालीन बैंक मैनेजर पर 82 लाख की धोखाधड़ी का केस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sun, 08 Feb 2026 08:54 PM IST
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सार

नहर निर्माण ठेके की एफडी ठेकेदार ने तत्कालीन बैंक मैनेजर से मिलीभगत कर कैश कराई। नर्मदा विकास विभाग की शिकायत पर पुलिस ने 82 लाख रुपये से अधिक की क्षति पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। 

The FD deposited as bank guarantee was converted into cash
अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

नहर निर्माण का ठेका प्राप्त करने के लिए सिक्योरिटी के रूप में जमा की गई एफडी को ठेकेदार ने तत्कालीन बैंक मैनेजर की मिलीभगत से कैश करवा लिया। नर्मदा विकास विभाग की शिकायत पर पुलिस ने ठेकेदार और तत्कालीन बैंक मैनेजर के खिलाफ शासन को 82 लाख 40 हजार रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

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पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने बताया कि वीरेंद्र कुमार भालाधरे (55 वर्ष), निवासी कौशल्या माय होम, बरगी हिल्स, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-2 में कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि नर्मदा विकास विभाग अंतर्गत कुंड वितरण नहर एवं उसकी वितरण नहर प्रणाली के निर्माण कार्य का ठेका निविदा स्वीकृति के माध्यम से अक्टूबर 2004 में ठेकेदार मेसर्स कर्नाटक लैंड आर्मी, बैंगलोर को दिया गया था।

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निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं होने पर विभाग ने अनुबंध निरस्त कर दिया। इसके बाद ठेकेदार ने मध्यस्थता अभिकरण के समक्ष अपील की थी। मध्यस्थता अभिकरण के अधिनिर्णय आदेश के अनुसार ठेकेदार द्वारा जमा की गई 43 लाख 75 हजार रुपये की दो बैंक गारंटी को बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से राजसात किया गया।


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साथ ही ठेकेदार द्वारा जमा की गई दो मूल एफडीआर के नगदीकरण के लिए यूनियन बैंक, मढ़ाताल सिविक सेंटर, जबलपुर के शाखा प्रबंधक को पत्र लिखा गया। अगस्त 2023 में बैंक की ओर से पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई कि संबंधित एफडीआर का नगदीकरण वर्ष 2015 में ही हो चुका है।

जांच में सामने आया कि ठेकेदार और तत्कालीन बैंक अधिकारी ने कूटरचित तरीके से एफडीआर की राशि का भुगतान ठेकेदार को कर दिया, जिससे शासन को कुल 82 लाख 40 हजार 914 रुपये की क्षति हुई। पुलिस ने इस मामले में के. व्ही. मलैश, प्रोजेक्ट मैनेजर, मेसर्स कर्नाटक लैंड आर्मी, बैंगलोर (वर्तमान में कर्नाटक रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड) तत्कालीन बैंक अधिकारी, कॉर्पोरेशन बैंक शाखा जबलपुर (वर्तमान यूनियन बैंक शाखा मढ़ाताल सिविक सेंटर) के खिलाफ धारा 420, 406, 409 एवं 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

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