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हाईकोर्ट सख्त: शाहपुरा टोल पर 70% राहत, पूर्ण टोल माफी से कोर्ट का इनकार; 30 अगस्त को अगली सुनवाई
Sat, 25 Jul 2026 09:12 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 09:12 PM IST
सार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर-भोपाल मार्ग के शाहपुरा टोल प्लाजा पर 70 प्रतिशत टोल कटौती को बरकरार रखते हुए पूर्ण टोल माफी से इनकार कर दिया। कोर्ट ने शाहपुरा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत तेज करने के लिए विशेषज्ञ की राय एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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घटाया 70 प्रतिशत टोल टैक्स, पूर्णतः टोल माफी से हाईकोर्ट ने किया इंकार
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विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर-भोपाल मार्ग पर स्थित शाहपुरा टोल प्लाजा की यूजर फीस में लगभग 70 प्रतिशत की कटौती को रिकॉर्ड पर लेते हुए फिलहाल पूर्ण टोल माफी देने से इनकार कर दिया है। साथ ही, शाहपुरा रेलवे ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में तेजी लाने के लिए विशेषज्ञ की राय लेने के निर्देश दिए हैं।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने कहा कि 55.60 किलोमीटर लंबे मार्ग में केवल 4.8 किलोमीटर हिस्सा डायवर्ट है। ऐसे में पूरे मार्ग का टोल पूरी तरह माफ करने का आधार नहीं बनता। अदालत ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा 24 जून 2026 से टोल दरों में करीब 70 प्रतिशत की गई कमी को रिकॉर्ड पर लिया।
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याचिका में पौड़ी (एलसी-302) रेलवे फाटक खोलने की भी मांग की गई थी। रेलवे ने सुरक्षा, तकनीकी बाधाओं, इंटरलॉकिंग सिस्टम, रेलवे बोर्ड और सीआरएस की मंजूरी तथा लगभग 8.10 करोड़ रुपये की लागत का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। इन तर्कों को देखते हुए हाईकोर्ट ने इस संबंध में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अंतिम निर्णय से पहले सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता अखिलेश मिश्रा से यह राय ली जाए कि ओवरब्रिज को सबसे कम समय में सुरक्षित रूप से कैसे चालू किया जा सकता है। विशेषज्ञ की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी।
