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'चलो संसद' प्रदर्शन में AI का इस्तेमाल: पुलिस से निपटने के लिए मांगी गई ये मदद, हैट-मास्क-चश्मे तक पहुंची जांच

Thu, 30 Jul 2026 05:05 PM IST
विकास कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Thu, 30 Jul 2026 05:05 PM IST
सार

पुलिस हार्ड हैट, फेस मास्क और सुरक्षात्मक चश्मे के कथित वितरण की भी जांच कर रही है। सूत्रों का दावा है कि ये सामान प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान वितरित किए गए थे। इनका उद्देश्य प्रतिभागियों को हिंसा के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करने में मदद करना हो सकता है। 

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Delhi Police investigating AI-assisted strategy used in CJP protest sansad chalo
पुलिस से निपटने के लिए प्रदर्शनकारियों ने ली एआई की मदद - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि सीजेपी द्वारा आयोजित "चलो संसद" प्रदर्शन में 20 जुलाई को हुई झड़पों की जांच चल रही है। जांच में सामने आया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस भीड़-नियंत्रण उपायों का मुकाबला करने के लिए एआई उपकरणों का उपयोग किया हो। इसमें आंसू गैस के प्रभाव को कम करने के लिए गीले जूट के बैग का उपयोग शामिल है। पुलिस इस मामले की कई तरीकों से जांच कर रही है।

Delhi Police investigating AI-assisted strategy used in CJP protest sansad chalo
पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले - फोटो : पीटीआई

प्रदर्शनकारियों ने हार्ड हैट, मास्क और चश्मे से खुद को तैयार किया
सूत्रों के अनुसार, जांच से संकेत मिला है कि कुछ प्रतिभागियों ने आंसू गैस के प्रभाव को कम करने और सुरक्षाकर्मियों से टकराव की तैयारी के लिए एआई प्लेटफार्मों पर जानकारी खोजी होगी। पुलिस का मानना है कि प्रदर्शनकारियों ने हार्ड हैट, मास्क और चश्मे से खुद को तैयार किया था। पुलिस इन निष्कर्षों की पुष्टि के लिए डिजिटल और अन्य सबूत इकट्ठा कर रही है। हालांकि, पुलिस ने उन एआई प्लेटफार्मों के नाम नहीं बताए हैं, जिन तक कथित तौर पर पहुंचा गया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि ऐसी खोजों को स्थापित करने के लिए किसी डिजिटल उपकरण की फॉरेंसिक जांच की गई है या नहीं। 20 जुलाई के प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुई थीं। यह झड़पें संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और जंतर मंतर सहित कई स्थानों पर हुईं। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया था।

Delhi Police investigating AI-assisted strategy used in CJP protest sansad chalo
पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले - फोटो : पीटीआई

झड़पों और नुकसान का विवरण
पुलिस के अनुसार, हिंसा के दौरान पथराव की कई घटनाएं सामने आईं। सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस का बार-बार इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस ने बताया कि झड़पों में 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। 65 से अधिक प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। हिंसा के दौरान पुलिस वाहनों सहित 15 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

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सीजेपी का विरोध प्रदर्शन। - फोटो : पीटीआई।

एआई रणनीति और उपकरण
पुलिस हार्ड हैट, फेस मास्क और सुरक्षात्मक चश्मे के कथित वितरण की भी जांच कर रही है। सूत्रों का दावा है कि ये सामान प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान वितरित किए गए थे। इनका उद्देश्य प्रतिभागियों को हिंसा के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करने में मदद करना हो सकता है। पुलिस का मानना है कि प्रदर्शनकारियों ने आंसू गैस के प्रभाव को तुरंत कम करने के तरीके खोजे थे। इसमें गीले जूट के बैग का उपयोग भी शामिल था।

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जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

जांच का दायरा और प्रगति
जांचकर्ताओं ने 2,800 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है। ये लोग प्रदर्शन के दौरान मौजूद थे। हिंसा की व्यापक जांच के तहत उनकी भूमिका और संलिप्तता के स्तर की जांच की जा रही है। पुलिस की कई टीमें वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक सबूत का विश्लेषण कर रही हैं। इसका उद्देश्य घटनाओं के क्रम को स्थापित करना और हिंसा की योजना बनाने या उसमें भाग लेने वालों की पहचान करना है। पुलिस इस पूरे मामले की कई कोणों से जांच कर रही है।

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