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कांवड़ यात्रा: अधूरे सेवा शिविर और जर्जर सड़कें बनीं चुनौती
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नई दिल्ली। सावन में पूर्वी दिल्ली से गुजरने वाले कांवड़ यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शिवभक्तों के लिए लगाए जाने वाले सेवा शिविरों की तैयारियां अभी भी अधूरी हैं। वहीं, जर्जर सड़कें यात्रा को जोखिम भरा बना रही हैं।
हर साल की तरह इस बार भी पूर्वी दिल्ली के विभिन्न मार्गों पर श्रद्धालुओं को विश्राम और जलपान की सुविधा के लिए कांवड सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। इस साल इन शिविरों की तैयारियों में काफी देरी देखी जा रही है। कई स्थानों पर टेंट तक नहीं लगाए गए हैं। पानी और बिजली अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। श्रद्धालुओं को आराम और जलपान जैसी सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रशासन के दावे जमीनी हकीकत से दूर दिख रहे हैं। दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, जीटी रोड, शाहदरा और मंडोली रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं। कुछ जगहों पर सड़क की ऊपरी परत भी उखड़ चुकी है। नंगे पैर या साधारण चप्पलों में चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये रास्ते चोटिल होने का कारण बन रहे हैं। संवाद
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हर साल की तरह इस बार भी पूर्वी दिल्ली के विभिन्न मार्गों पर श्रद्धालुओं को विश्राम और जलपान की सुविधा के लिए कांवड सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। इस साल इन शिविरों की तैयारियों में काफी देरी देखी जा रही है। कई स्थानों पर टेंट तक नहीं लगाए गए हैं। पानी और बिजली अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। श्रद्धालुओं को आराम और जलपान जैसी सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रशासन के दावे जमीनी हकीकत से दूर दिख रहे हैं। दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, जीटी रोड, शाहदरा और मंडोली रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं। कुछ जगहों पर सड़क की ऊपरी परत भी उखड़ चुकी है। नंगे पैर या साधारण चप्पलों में चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये रास्ते चोटिल होने का कारण बन रहे हैं। संवाद
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