मुंहबोली भाभी से दरिंदगी: घर बुलाकर उसके बेटे पर तानी बंदूक, बेहोश कर महिला की लूटी आबरू, दो साल बाद गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने पिस्टल की नोक पर दुष्कर्म और धमकी देकर यौन शोषण करने वाले भगोड़े मुदित चावला उर्फ राजबीर को गिरफ्तार किया है। उस पर सात आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह 2024 से फरार था।
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दिल्ली पुलिस ने पिस्टल की नोक पर दुष्कर्म करने के भगोड़ा आरोपी मुदित चावला उर्फ राजबीर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पीड़िता का अश्लील वीडियो बना कर उसे ब्लैकमेल व यौन शोषण करने लगा था। आरोपी वर्ष 2024 से बार-बार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। उसके खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे महाराष्ट्र के नागपुर में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में ''घोषित अपराधी'' भी करार दिया गया था। आरोपी ने दिल्ली से ग्रेजुएशन किया और उसके बाद वर्ष 2007 में पुणे से एमबीए किया।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त चंद्र कुमार सिंह के अनुसार आरोपी द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन में दर्ज दुष्कर्म के मामले में वांछित था। इसने अपना नाम मुदित से बदलकर राजबीर भी कर लिया था। पीड़िता के अनुसार, उसका पति अक्तूबर 2020 से अगस्त 2023 तक हत्या के एक केस में तिहाड़ जेल में बंद था। इस दौरान उसकी जान-पहचान मुदित चावला से हुई। पीड़िता का पति उसे छोटा भाई जैसा मानता था। जुलाई 2023 में मुदित चावला ने शिकायतकर्ता को द्वारका स्थित अपने घर बुलाया। वह अपने तीन साल के बेटे के साथ वहां गई।
आरोपी ने उसके बेटे को बंदूक दिखाकर डराया, उसे बेहोश करने के लिए इंजेक्शन दिया। बेहोश होने पर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कई बार उसका यौन शोषण किया।
लगातार मिल रही धमकियों और शोषण को बर्दाश्त न कर पाने के कारण पीड़िता ने अपने पति को इन घटनाओं के बारे में बताया और पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद 19 सितंबर, 2024 को द्वारका नॉर्थ थाने में मामला दर्ज किया गया।
उसे इंस्पेक्टर योगेश कुमार और इंस्पेक्टर विनोद यादव की टीम ने आरोपी को दिल्ली के नांगलोई इलाके से गिरफ्तार किया। पोस्ट-ग्रेजुएशन के बाद उसने दिल्ली के ओखला में एयरटेल के हेड ऑफिस और बाद में पंजाब के मोहाली में काम किया। इसके बाद इसने करोल बाग में तांबे के तार का अपना बिजनेस शुरू किया।
इस दौरान उसे क्रिकेट सट्टेबाजी की लत लग गई और उसे लगभग 1 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अपना नुकसान पूरा करने के लिए उसने नकली चेक जारी करके जौहरियों को धोखा देना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे वह आदतन धोखेबाज बन गया।