बरगी हादसा: क्रूज चालक का दावा-वह भागा नहीं था, सात माह पहले बताई इंजन की खराबी; हादसे के पहले का वीडियो आया
बरगी बांध क्रूज हादसे से पहले का वीडियो सामने आया, जिसमें यात्री नाव डूबने की बात कह रहे थे और बच्चे रोते दिखे। चालक महेश पटेल ने दावा किया कि उसने यात्रियों को बचाने की कोशिश की थी तथा सात माह पहले इंजन खराबी की सूचना अधिकारियों को दी थी। हादसे में 13 लोगों की मौत हुई थी।
बरगी बांध क्रूज हादसे से पहले का वीडियो सामने आया, जिसमें यात्री नाव डूबने की बात कह रहे थे और बच्चे रोते दिखे। चालक महेश पटेल ने दावा किया कि उसने यात्रियों को बचाने की कोशिश की थी तथा सात माह पहले इंजन खराबी की सूचना अधिकारियों को दी थी। हादसे में 13 लोगों की मौत हुई थी।
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बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के पहले का एक वीडियो सामने आया है। इसे क्रूज में सवार एक यात्री ने बनाया था। यात्री खुद कह रहा था कि हमारी नाव डूब रही है। वीडियो में क्रूज में सवार बच्चे डर के कारण रो रहे थे और अभिभावक उन्हें समझा रहे थे कि क्रूज का हिलाया जा रहा है। इस बीच, क्रूज के चालक महेश पटेल ने दावा किया कि वह कूद कर नहीं भागा था। उसने यह भी दावा किया कि क्रूज में खराबी को लेकर उसने साथ माह पहले ही संबंधित अधिकारियों को शिकायत की थी।
बचाने के हरसंभव प्रयास किए : चालक
हादसे के पीड़ितों, मृतकों के परिजनों और क्रूज चालक के बयान दर्ज करने के लिए शुक्रवार को जबलपुर कलेक्टर कार्यालय बुलाया गया था। यहां क्रूज के चालक महेश पटेल कहा कि वह अपनी जान बचाकर भागा नहीं था, बल्कि उसने क्रूज व यात्रियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए थे। पटेल ने दावा किया कि उसने अपने जीवन में इस तरफ का तूफान नहीं देखा। वह खुद भी लहरों के साथ बह गया था और किसी तरह सुरक्षित किनारे लगा था।
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सात माह पहले दी थी इंजन खराबी की जानकारी
महेश पटेल ने दावा किया कि उसने क्रूज के एक इंजन में खराबी की जानकारी पिछले अक्टूबर में ही मैनेजर को दे दी थी। इसके बाद पर्यटन निगम के मुख्यालय को भी पत्र लिखकर सूचना दी गई थी, लेकिन इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया गया। पटेल ने बताया कि पानी की तेज लहर जब क्रूज के अंदर आने लगीं तो मैंने सभी यात्रियों से लाइफ जैकेट पहनने को कहा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसी बीच में भी पानी में डूब कर बह गया था।
एक इंजन धीमी गति से काम कर रहा था, दूसरा बंद हो जाता था
चालक महेश पटेल के अनुसार अक्टूबर 2025 में बरगी स्थित मैकल रिसॉर्ट के मैनेजर ने लिखित रूप से क्रूज की तकनीकी खामियों की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी थी। इसमें क्रूज के दो इंजनों में से एक इंजन की धीमी गति से चलने और दूसरे इंजन के चालू होने के बाद अचानक बंद होने की समस्या बताई गई थी। यह पत्र पर्यटन विभाग के माध्यम से भोपाल स्थित जल क्रीड़ा विभाग के महाप्रबंधक को भेजा गया था। बता दें, बरगी बांध में 30 अप्रैल को हुए हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। इनमें 4 बच्चे और 8 महिलाएं थी।
36 सेकंड का वायरल वीडियो
हादसे के पहले का वायरल वीडियो 36 सेकंड का है। इसमें बरगी बांध की लहर का पानी क्रूज के लेबर डेक में भरते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो बनाने वाला यात्री बोल रहा है कि यह भयानक तूफान है और बहुत ही खतरनाक लहर के साथ पानी आ रहा है और हमारी नाव पूरी डूब रही है। वीडियो में बच्चों के रोने की आवाज भी सुनाई दे रही है और एक महिला समझा रही है कि क्रूज को हिलाया जा रहा है।
इसके अलावा क्रूज के डूबने वाला एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में क्रूज के समीप पर्यटन विकास निगम की एक अन्य बोट दिखाई दे रही है। क्रूज के डूबने और यात्रियों की जान बचाने की जद्दोजहद के बावजूद चालक बोट को विपरीत दिशा में ले जाते हुए दिख रहा है।
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बचे लोगों के दर्ज किए जा रहे बयान
क्रूज हादसे के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच कमेटी के निर्देशानुसार एसडीएम हादसे में बचे व्यक्तियों के बयान दर्ज कर रही है। पीडितों द्वारा अपने बयान में क्रूज संचालन में बरती गई लापरवाही उजागर की जा रही है।
एक और याचिका दायर
क्रूज हादसे को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में शुक्रवार को एक और याचिका दायर की गई। इसमें सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पक्षकार बनाते हुए एसआईटी जांच की मांग की है। याचिका में मांग की गई है कि आईजी रैंक के आईपीएस अधिकारियों की टीम बनाकर 60 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाए। याचिका पर जल्द सुनवाई हो सकती है।

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