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Katni News: 1857 की क्रांति के प्रणेता राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का शौर्य दिवस, महापुरुषों को किया याद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी Published by: कटनी ब्यूरो Updated Thu, 18 Sep 2025 09:07 PM IST
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सार

ढीमरखेड़ा के मंगल भवन में शौर्य दिवस पर अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को नमन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकता व भाईचारे का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि 1857 की क्रांति स्वतंत्रता संग्राम के साथ सामाजिक समानता और न्याय की भी लड़ाई थी।

Katni News: Bravery Day of Raja Shankar Shah and Kunwar Raghunath Shah, the pioneers of the 1857 revolution
कटनी में शौर्य दिवस आयोजित किया गया। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

1857 की क्रांति के प्रणेता अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की शहादत को नमन करते हुए ढीमरखेड़ा के मंगल भवन में शौर्य दिवस समारोह आयोजित किया गया। सामाजिक समानता व भाईचारा सम्मेलन के रूप में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, समाजसेवी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान महापुरुषों को याद कर सामाजिक एकता के संकल्प दोहराया गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण और सामाजिक एकता के संकल्प के साथ हुआ। मुख्य अतिथि अपना दल (एस) के राष्ट्रीय महासचिव आर बी सिंह पटेल थे। उन्होंने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की शहादत हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। आज हमें उनके बलिदान से यह संदेश मिलता है कि राष्ट्र और समाज के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना ही सच्ची देशभक्ति है। आदिवासी समाज के बहुत से महापुरुष हुए, जिन्होंने देश के मान सम्मान, स्वाभिमान के लिए मुगलों, अंग्रेजों से युद्ध लड़ा और शहीद हुए। इसमें एक मुख्य नाम भगवान बिरसा मुंडा का भी है, लेकिन आज की परिस्थियों में आदिवासी, वनवासी, घुमंतू समाज बहुत ही दीनहीन स्थिति में हैं। ये लोग अपना पेट पालने के लिए यह आज भी जल, जंगल और जमीन पर निर्भर हैं। लकड़ी काटकर अपना पेट भरते हैं और शिक्षा शून्य है।
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कुरील राष्ट्रीय अध्यक्ष (एससी-एसटी मंच)  इंजी. सत्यप्रकाश प्रमुख वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति केवल स्वतंत्रता का आंदोलन नहीं था, बल्कि यह सामाजिक समानता और न्याय की लड़ाई भी थी। हमें आज भी उनके आदर्शों से सीख लेकर समाज में भाईचारा और समरसता कायम करनी चाहिए।

कार्यक्रम को जिला पंचायत कटनी के उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, आयोजक डॉ. बीके पटेल, सुभाष पटेल, ऋषिराम पटेल, संतराम पटेल, विजय चौधरी, सुरेश कोल, अतुल चौधरी, ओमकार चौधरी, इन्द्रजीत लोधी ने भी संबोधित किया। जितेन्द्र पटेल, जगदीश पटेल, महेन्द्र लोधी, रामाधार पटेल और प्रकाश पटेल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा।
 
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