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MP: एसी कोच में चूहों का आतंक! यात्री का कुतरा था बैग; अब उपभोक्ता आयोग ने रेलवे पर लगाया 15 हजार का जुर्माना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: कटनी ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 12:38 PM IST
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सार
कटनी के एक यात्री को एसी कोच में सफर के दौरान चूहों द्वारा सामान नुकसान पहुंचाने के मामले में बड़ी राहत मिली है। जिला उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को सेवा में कमी का दोषी माना है। पढ़ें पूरी खबर
जिला उपभोक्ता आयोग ने यात्री के पक्ष में फैसला सुनाया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसी कोच में सफर के लिए यात्री ज्यादा किराया इसलिए चुकाते हैं, ताकि उन्हें बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित यात्रा मिल सके। लेकिन अगर उसी एसी कोच में चूहे आपका सामान कुतर दें, तो जिम्मेदार कौन होगा? जी हां, ऐसा ही एक मामला कटनी जिले से समाने आया है, जहां जिला उपभोक्ता आयोग ने एक यात्री के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रेलवे को सेवा में कमी का दोषी माना और फरियादी को 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश जारी किया है।
जानें कब का था मामला?
दरअसल, पूरा मामला कटनी निवासी विपिन दुबे से जुड़ा है, जिन्होंने वर्ष 2020 में कटनी से कल्याण तक तीन-एसी कोच में यात्रा की थी। इसी सफर के दौरान सीट के नीचे रखा उनका बैग चूहों ने कुतर दिया। जिससे बैग में रखे कपड़े और अन्य सामान खराब हो गए। घटना से नाराज यात्री ने तत्काल ही ट्रेन के ऑन ड्यूटी टीटीई और रेलवे अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था।
लंबे समय चले प्रकरण में हुई सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि एसी कोच में चूहों की मौजूदगी रेलवे की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। इसलिए यात्रियों से प्रीमियम किराया लेने के बाद सुरक्षित और स्वच्छ यात्रा उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है।
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आदेश में जानें क्या-क्या कहा गया?
उपभोक्ता फोरम आयोग ने अपने आदेश में रेलवे को पांच हजार रुपये सामान के नुकसान, पांच हजार रुपये मानसिक पीड़ा और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में कुल 15 हजार रुपये भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ता आयोग का यह फैसला रेलवे के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के मामलों में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है।
जानें कब का था मामला?
दरअसल, पूरा मामला कटनी निवासी विपिन दुबे से जुड़ा है, जिन्होंने वर्ष 2020 में कटनी से कल्याण तक तीन-एसी कोच में यात्रा की थी। इसी सफर के दौरान सीट के नीचे रखा उनका बैग चूहों ने कुतर दिया। जिससे बैग में रखे कपड़े और अन्य सामान खराब हो गए। घटना से नाराज यात्री ने तत्काल ही ट्रेन के ऑन ड्यूटी टीटीई और रेलवे अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था।
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लंबे समय चले प्रकरण में हुई सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि एसी कोच में चूहों की मौजूदगी रेलवे की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। इसलिए यात्रियों से प्रीमियम किराया लेने के बाद सुरक्षित और स्वच्छ यात्रा उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है।
आदेश में जानें क्या-क्या कहा गया?
उपभोक्ता फोरम आयोग ने अपने आदेश में रेलवे को पांच हजार रुपये सामान के नुकसान, पांच हजार रुपये मानसिक पीड़ा और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में कुल 15 हजार रुपये भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ता आयोग का यह फैसला रेलवे के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के मामलों में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है।

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