दौसा बस हादसा: वैष्णो देवी से लौट रही बस बनी आग का गोला, बड़वाह के दो परिवारों में मातम, महिला की मौत, एक लापता
राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रेलर से टकराने के बाद बस में आग लगने से आठ यात्रियों की मौत हो गई। मध्यप्रदेश के 12 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि चार लापता बताए जा रहे हैं। बड़वाह के दो परिवारों में मातम पसर गया है।
राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रेलर से टकराने के बाद बस में आग लगने से आठ यात्रियों की मौत हो गई। मध्यप्रदेश के 12 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि चार लापता बताए जा रहे हैं। बड़वाह के दो परिवारों में मातम पसर गया है।
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राजस्थान के दौसा में एक भीषण बस हादसा हुआ है, जिसमें मध्यप्रदेश से माता वैष्णो देवी के दर्शन करने गए 40 लोगों में से 12 से अधिक लोग गम्भीर घायल हैं तो वहीं चार लोग लापता बताए जा रहे हैं। हादसा तब हुआ जब मंगलवार शाम से निकली हंस ट्रेवल्स की ऐसी बस देर रात करीब 2:30 बजे राजस्थान के दौसा पहुंची थी। इस दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस के आगे चल रहे एक ट्रेलर से जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के तुरंत बाद दोनों ही वाहनों में आग लग गई, और देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई, और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस के इमरजेंसी गेट नहीं खुलने से यात्रियों को समय पर बस से बाहर आने का मौका ही नहीं मिल पाया। इसके बाद 6 यात्रियों की बस में जलने से तो वहीं टकराव और बाहर निकलने की जद्दोजहद में दो यात्रियों के सर में चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। यही नहीं, इस हादसे में घायल हुए कुल 21 यात्रियों में से 13 यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें तुरंत दौसा जिले अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों में 12 यात्री मध्यप्रदेश के हैं, जिनमे अधिकांश इंदौर और पांच घायल बड़वाह के रहने वाले हैं। मध्यप्रदेश के ही चार यात्री हादसे के बाद से अब तक लापता हैं जिनमें भी दो महिलाएं इंदौर और एक महिला बड़वाह निवासी हैं। हादसे में मृत हुए आठ लोगों में से सात की हालत इतनी भयानक है कि उनकी पहचान के लिए DNA टेस्ट कराए जाने की तैयारी की जा रही है।
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हादसे की जांच के ये बनी 8 सदस्यीय टीम
शुरुआती जांच में हादसे की वजह बस ड्राइवर को झपकी आना बताया जा रहा है। हालांकि दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के लिए दौसा जिला कलेक्टर ने 8 सदस्यीय समिति बनाई है। इधर मौके पर बचाव कार्य मे जुटे ग्रामीणों के अनुसार बस हंस ट्रेवल्स की ऐसी बस थी जोकि हादसे के बाद पूरी तरह से जलकर कबाड़ में तब्दील हो गई। घटना के बाद दमकल की टीम को भी आग पर काबू पाने में तीन घंटे से अधिक का समय लगा। घटना के समय बस की डिक्की में सिगरेट के बॉक्स भी रखे हुए पाए गए हैं। माना जा रहा है इसी के चलते आग तेजी से फैली और लोगों को बचाव का मौका ही नहीं मिल पाया।
दुकान सम्भालने जल्दी वापस आ रहा बेटा ही हुआ लापता
इधर बड़वाह कस्तूरबा मार्ग वार्ड क्रमांक 5 निवासी परिवार की कविता तंवर ने बताया कि, उनके परिवार से सात लोग माता वैष्णो देवी के दर्शन करने गए थे, और उनकी वापसी की ट्रेन दो दिन बाद थी, लेकिन दुकान पर काम अधिक होने के चलते उन लोगों ने बस से मंगलवार को ही वापस आने का फैसला किया। इस दौरान देर रात ढाई बजे उनके परिजन का फोन आया, जिसमें उन्होंने बस में आग लगने और उनके घायल होने की जानकारी दी। इसके बाद रात करीब 3 बजे उनके माता-पिता हरिद्वार जाने के लिए निकल गए। इस घटना के बाद उनके परिवार के तीन बच्चे और तीन बड़े तो मिल गए, लेकिन परिवार के बड़े बेटे दीपक तंवर अब तक लापता हैं।
बड़वाह के दो परिवारों में मातम, 1 की मौत 1 लापता
वहीं बड़वाह के वार्ड क्रमांक 5 के भाजपा नेता गणेश पटेल ने बताया कि पांच दिन पूर्व हंस ट्रेवल्स की बस से बड़वाह के दीपक उनकी पत्नी दिव्या और पुत्री याचिका सहित उनका भाई सनी और उसकी पत्नी एवं भाई के दो बच्चे समेत सात लोगों का परिवार वैष्णो देवी दर्शन करने गया हुआ था। जहां बस और ट्रक की एक भयानक दुर्घटना में दीपक लापता बताया जा रहा है। इसके साथ ही बड़वाह के ही दशहरा मैदान निवासी जितेंद्र पांडे अपनी पत्नी और पुत्र समेत गए थे, जिसमें उनकी पत्नी की मृत्यु होने की जानकारी मिली है।

हादसे के बाद लापता दीपक।

हादसे में हताहतों की सूची

हादसे में हताहतों की सूची
