Khargone News: मानसून की बेरुखी से मचा हाहाकार, मिर्च-कपास की फसल पर संकट; बढ़ी किसानों की परेशानी
खरगोन जिले में मानसून की देरी और लगातार बढ़ते तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश नहीं होने से मिर्च, कपास, मक्का और सब्जी फसलें प्रभावित हो रही हैं। कई क्षेत्रों में पौधों की बढ़वार रुक गई है और फसलें सूखने लगी हैं।
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खरगोन जिले में मानसून की देरी अब किसानों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनती जा रही है। बारिश नहीं होने और लगातार बढ़ते तापमान का असर खेतों में साफ दिखाई देने लगा है। जिले की प्रमुख नकदी फसल मिर्च के साथ-साथ कपास, मक्का और अन्य सब्जी फसलें भी सूखे की मार झेल रही हैं। कई इलाकों में फसलों की बढ़वार रुक गई है और पौधे सूखने लगे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है।
मानसून की बेरुखी से फसलों पर संकट
खरगोन जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में लगी फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि समय पर बारिश नहीं मिलने के कारण फसलों का विकास रुक गया है और पौधों में सूखापन दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से मिर्च, कपास और मक्का की फसल पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।
मिर्च किसानों की बढ़ी परेशानी
गावसन के किसान अरविंद पाटीदार ने बताया कि उन्होंने तीन एकड़ जमीन में करीब 24 हजार मिर्च के पौधे लगाए थे। लेकिन बारिश नहीं होने और तेज गर्मी के कारण इनमें से लगभग 8 हजार पौधे सूख गए। मजबूरी में उन्हें दोबारा रोपाई करनी पड़ी, जिससे खेती की लागत काफी बढ़ गई है और आर्थिक बोझ भी बढ़ा है।
पौधे पीले पड़ने लगे, रुक गई बढ़वार
उबदी के किसान कमलेश पाटीदार ने बताया कि बारिश के अभाव में मिर्च के पौधे पीले पड़ने लगे हैं। पौधों की ग्रोथ लगभग रुक गई है और खेतों में नमी की कमी साफ दिखाई दे रही है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल को और अधिक नुकसान होने की आशंका है।
खीरे, कपास और मक्का की फसल भी प्रभावित
टांडा बरुड़ के किसान रामचंद्र कुमरावत ने बताया कि क्षेत्र में खीरे की करीब 50 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। इसके अलावा कपास, मक्का और लौकी की फसल भी सूखे की मार झेल रही है। लगातार बारिश नहीं होने से खेतों की स्थिति खराब होती जा रही है।
| दिनांक | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| 12 जून | 40.4 | 24.0 |
| 13 जून | 40.0 | 24.8 |
| 14 जून | 39.6 | 23.6 |
| 15 जून | 38.6 | 23.2 |
| 16 जून | 38.8 | 23.0 |
| 17 जून | 38.0 | 23.4 |
| 18 जून | 38.4 | 23.6 |
| 19 जून | 38.6 | 24.0 |
सिंचाई संकट भी गहराया
बारिश की कमी का असर जल स्रोतों पर भी दिखाई देने लगा है। कई नलकूप और कुएं जवाब देने लगे हैं, जिससे सिंचाई का संकट गहराता जा रहा है। किसानों को फसलों को बचाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
किसानों ने जताई भारी नुकसान की आशंका
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो मिर्च, कपास और मक्का जैसी प्रमुख फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। इसका सीधा असर हजारों किसानों की आय और आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। किसानों की निगाहें अब मानसून की अगली बारिश पर टिकी हुई हैं।
