सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Khargone News ›   khargone monsoon delay chilli cotton maize crop damage farmers irrigation crisis news

Khargone News: मानसून की बेरुखी से मचा हाहाकार, मिर्च-कपास की फसल पर संकट; बढ़ी किसानों की परेशानी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन Published by: Ashutosh Pratap Singh Updated Fri, 19 Jun 2026 10:57 PM IST
विज्ञापन
सार

खरगोन जिले में मानसून की देरी और लगातार बढ़ते तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश नहीं होने से मिर्च, कपास, मक्का और सब्जी फसलें प्रभावित हो रही हैं। कई क्षेत्रों में पौधों की बढ़वार रुक गई है और फसलें सूखने लगी हैं।

khargone monsoon delay chilli cotton maize crop damage farmers irrigation crisis news
बारिश के बिना बढ़ी किसानों की परेशानी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

खरगोन जिले में मानसून की देरी अब किसानों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनती जा रही है। बारिश नहीं होने और लगातार बढ़ते तापमान का असर खेतों में साफ दिखाई देने लगा है। जिले की प्रमुख नकदी फसल मिर्च के साथ-साथ कपास, मक्का और अन्य सब्जी फसलें भी सूखे की मार झेल रही हैं। कई इलाकों में फसलों की बढ़वार रुक गई है और पौधे सूखने लगे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है।

मानसून की बेरुखी से फसलों पर संकट

खरगोन जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में लगी फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि समय पर बारिश नहीं मिलने के कारण फसलों का विकास रुक गया है और पौधों में सूखापन दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से मिर्च, कपास और मक्का की फसल पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मिर्च किसानों की बढ़ी परेशानी

गावसन के किसान अरविंद पाटीदार ने बताया कि उन्होंने तीन एकड़ जमीन में करीब 24 हजार मिर्च के पौधे लगाए थे। लेकिन बारिश नहीं होने और तेज गर्मी के कारण इनमें से लगभग 8 हजार पौधे सूख गए। मजबूरी में उन्हें दोबारा रोपाई करनी पड़ी, जिससे खेती की लागत काफी बढ़ गई है और आर्थिक बोझ भी बढ़ा है।

विज्ञापन


पौधे पीले पड़ने लगे, रुक गई बढ़वार

उबदी के किसान कमलेश पाटीदार ने बताया कि बारिश के अभाव में मिर्च के पौधे पीले पड़ने लगे हैं। पौधों की ग्रोथ लगभग रुक गई है और खेतों में नमी की कमी साफ दिखाई दे रही है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल को और अधिक नुकसान होने की आशंका है।

खीरे, कपास और मक्का की फसल भी प्रभावित

टांडा बरुड़ के किसान रामचंद्र कुमरावत ने बताया कि क्षेत्र में खीरे की करीब 50 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। इसके अलावा कपास, मक्का और लौकी की फसल भी सूखे की मार झेल रही है। लगातार बारिश नहीं होने से खेतों की स्थिति खराब होती जा रही है।

दिनांक अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C)
12 जून 40.4 24.0
13 जून 40.0 24.8
14 जून 39.6 23.6
15 जून 38.6 23.2
16 जून 38.8 23.0
17 जून 38.0 23.4
18 जून 38.4 23.6
19 जून 38.6 24.0


सिंचाई संकट भी गहराया

बारिश की कमी का असर जल स्रोतों पर भी दिखाई देने लगा है। कई नलकूप और कुएं जवाब देने लगे हैं, जिससे सिंचाई का संकट गहराता जा रहा है। किसानों को फसलों को बचाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

किसानों ने जताई भारी नुकसान की आशंका

किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो मिर्च, कपास और मक्का जैसी प्रमुख फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। इसका सीधा असर हजारों किसानों की आय और आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। किसानों की निगाहें अब मानसून की अगली बारिश पर टिकी हुई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed