क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय में अव्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने से एक बार फिर छात्रों का आक्रोश सामने आया। मांगों को लेकर विद्यार्थी पहले यूटीडी भवन पहुंचे और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। यहां सुनवाई नहीं होने पर वे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे। प्रशासनिक भवन में भी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर विद्यार्थियों ने भवन के सामने चित्तौड़-भुसावल मार्ग पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसके बाद भी सुनवाई नहीं होने पर विद्यार्थी आगे बढ़कर चित्तौड़-भुसावल राजमार्ग के बिस्टान नाका पहुंचे और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। हाईवे पर विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। कुलगुरु मोहनलाल कोरी भी मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत की। अधिकारियों ने कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर 15 दिन में समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
एक कक्षा में पर्दे लगाकर चल रही दो कक्षाएं
एबीवीपी के निर्मल चौहान ने बताया कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं हैं। स्थिति यह है कि एक ही कक्षा में पर्दे लगाकर दो कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी हो रही है। उन्होंने कक्षाओं के संचालन के लिए नए भवन की व्यवस्था करने की मांग रखी है। अधिकारियों ने इस समस्या का 15 दिन में समाधान करने का आश्वासन दिया है।
पढ़ें: एमपी बोर्ड 2027 की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी,17 फरवरी से 12वीं 24 फरवरी से 10वीं की परीक्षा
मुख्य परीक्षा 20 अगस्त से, अब तक नहीं हुई प्रैक्टिकल परीक्षा
विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी प्रैक्टिकल परीक्षाएं अब तक नहीं हुई हैं, जबकि 20 अगस्त से मुख्य परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी में परेशानी हो रही है। समय पर कक्षाएं नहीं लगने और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होने से पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों ने निर्धारित समय-सारणी के अनुसार परीक्षाएं कराने और जल्द प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित करने की मांग की है।
पहले भी सड़क पर उतर चुके हैं विद्यार्थी
निर्मल चौहान ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर विद्यार्थी पहले भी सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर चुके हैं। उस समय डिप्टी कलेक्टर ने समस्याओं का निराकरण कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसी कारण विद्यार्थियों को एक बार फिर आंदोलन के लिए सड़क पर उतरना पड़ा।
चौहान ने कहा कि इस बार भी यदि अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद विद्यार्थियों की मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे भूख हड़ताल शुरू करेंगे।