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पर्यावरण दिवस: अपने खर्च पर लाखों पौधे लगाकर ख्यालीराम बने निमाड़ के ‘तरुपुत्र’, हरा-भरा बनाने का लिया संकल्प
Fri, 05 Jun 2026 07:18 AM IST
Dinesh Sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
Published by: Dinesh Sharma
Updated Fri, 05 Jun 2026 07:18 AM IST
सार
खरगोन जिले के ग्राम ढसगांव के पर्यावरण प्रेमी ख्यालीराम सेजगाया पिछले आठ वर्षों से बिना शासकीय सहायता के पौधारोपण अभियान चला रहे हैं। वे अपनी टीम के साथ अब तक 3.77 लाख से अधिक पौधे लगा चुके हैं।
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पर्यावरण के लिए खरगोन के ख्यालीराम का उल्लेखनीय योगदान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से ग्राम ढसगांव के पर्यावरण प्रेमी एवं ‘तरुपुत्र’ ख्यालीराम सेजगाया पिछले आठ वर्षों से लगातार निस्वार्थ भाव से पौधारोपण अभियान चला रहे हैं। विशेष बात यह है कि वे यह कार्य बिना किसी शासकीय सहायता के अपने स्वयं के व्यय से कर रहे हैं। अब तक वे अपनी टीम के साथ 3 लाख 77 हजार 370 से अधिक पौधे विभिन्न स्थानों पर रोपित कर चुके हैं। उनका लक्ष्य पूरे निमाड़ संभाग को हराभरा बनाना है।
ख्यालीराम सेजगाया का कहना है कि प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाए, ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहे और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल सके। उनका मानना है कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि पशु-पक्षियों को आश्रय प्रदान करने के साथ-साथ पृथ्वी के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अभियान में उनकी पत्नी, पुत्री तथा पर्यावरण मित्र मंडली के 55 सदस्य सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। टीम द्वारा फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण खरगोन और खंडवा जिले के सैकड़ों स्थानों पर किया जा चुका है। गौशालाओं, मंदिर परिसरों, स्कूलों और वीरान पहाड़ियों पर भी नियमित रूप से निःशुल्क पौधारोपण किया जा रहा है।
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ख्यालीराम सेजगाया जहां भी पौधारोपण करते हैं, वहां लोगों को पौधों की देखभाल का संकल्प भी दिलाते हैं। वे नागरिकों से आग्रह करते हैं कि पौधों को अपनी संतान की तरह समझकर कम से कम तीन वर्षों तक उनकी देखरेख और सिंचाई करें, ताकि वे विकसित होकर बड़े वृक्ष बन सकें। उन्होंने कहा कि वृक्षों की कमी के कारण पर्यावरणीय असंतुलन और विभिन्न प्रकार की बीमारियां बढ़ रही हैं। वृक्ष शुद्ध वायु प्रदान करने, भूमि कटाव रोकने, तापमान नियंत्रित रखने तथा जैव विविधता के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं। आयुर्वेदिक औषधियों, जैविक खाद और लकड़ी सहित अनेक उपयोगों के कारण वृक्ष मानव जीवन के अभिन्न अंग हैं।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति ख्यालीराम सेजगाया और उनकी टीम का यह समर्पण निमाड़ क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। उनके प्रयासों से अनेक लोग पौधारोपण के प्रति जागरूक होकर हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प ले रहे हैं।
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ख्यालीराम सेजगाया का कहना है कि प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाए, ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहे और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल सके। उनका मानना है कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि पशु-पक्षियों को आश्रय प्रदान करने के साथ-साथ पृथ्वी के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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इस अभियान में उनकी पत्नी, पुत्री तथा पर्यावरण मित्र मंडली के 55 सदस्य सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। टीम द्वारा फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण खरगोन और खंडवा जिले के सैकड़ों स्थानों पर किया जा चुका है। गौशालाओं, मंदिर परिसरों, स्कूलों और वीरान पहाड़ियों पर भी नियमित रूप से निःशुल्क पौधारोपण किया जा रहा है।
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ख्यालीराम सेजगाया जहां भी पौधारोपण करते हैं, वहां लोगों को पौधों की देखभाल का संकल्प भी दिलाते हैं। वे नागरिकों से आग्रह करते हैं कि पौधों को अपनी संतान की तरह समझकर कम से कम तीन वर्षों तक उनकी देखरेख और सिंचाई करें, ताकि वे विकसित होकर बड़े वृक्ष बन सकें। उन्होंने कहा कि वृक्षों की कमी के कारण पर्यावरणीय असंतुलन और विभिन्न प्रकार की बीमारियां बढ़ रही हैं। वृक्ष शुद्ध वायु प्रदान करने, भूमि कटाव रोकने, तापमान नियंत्रित रखने तथा जैव विविधता के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं। आयुर्वेदिक औषधियों, जैविक खाद और लकड़ी सहित अनेक उपयोगों के कारण वृक्ष मानव जीवन के अभिन्न अंग हैं।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति ख्यालीराम सेजगाया और उनकी टीम का यह समर्पण निमाड़ क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। उनके प्रयासों से अनेक लोग पौधारोपण के प्रति जागरूक होकर हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प ले रहे हैं।
