MP: सिंहस्थ 2028 में जूना अखाड़ा के साथ शाही स्नान करेगा किन्नर अखाड़ा, लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने किया एलान
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 को लेकर किन्नर अखाड़े की दो दिवसीय बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि इस बार किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़ा के साथ मिलकर शाही स्नान करेगा और उज्जैन में आश्रम के लिए सरकार से स्थान भी मांगा जाएगा।
विस्तार
उज्जैन में वर्ष 2016 के सिंहस्थ में भले ही किन्नर अखाड़े ने गंधर्व घाट पर 13 अखाड़ों से अलग स्नान किया हो, लेकिन आगामी वर्ष 2028 में उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ में किन्नर अखाड़ा अब जूना अखाड़ा के साथ मिलकर स्नान करेगा। यह बात किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कही।
अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा की सिंहस्थ 2028 से संबंधित दो दिवसीय बैठक शिवांजलि गार्डन में आयोजित की गई। इसमें किन्नर अखाड़े के संतों को महामंडलेश्वर व श्रीमहंत की उपाधि देने के बाद आज कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। उज्जैन के महाकुंभ के साथ ही अन्य कुंभ को लेकर भी देशभर से आए किन्नर अखाड़ा के संतों को जिम्मेदारियां देने के साथ अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जल्द ही हम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलेंगे और अपनी समस्याएं बताने के साथ ही उनसे निवेदन करेंगे कि जिस तरह अन्य अखाड़ों को उज्जैन में स्थान दिए गए हैं, उसी तरह हमें भी यहां आश्रम बनाने के लिए स्थान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि पिछली बार भले ही किन्नर अखाड़े ने गंधर्व घाट पर महाकुंभ का स्नान किया हो, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। हम जूना अखाड़ा के साथ हैं और जहां जूना अखाड़ा स्नान करेगा, हम भी वहीं स्नान करेंगे। हमारा वर्ष 2019 में जूना अखाड़ा के साथ ऐसा अनुबंध हो चुका है।
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सब कुछ बाबा महाकाल का आशीर्वाद
महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि बाबा महाकाल की इस नगरी में ही किन्नर समाज के बच्चों को दुलारा गया था और उन्होंने यहीं पर अखाड़ा लगाकर स्नान किया था। अब देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी किन्नर अखाड़े के संत हैं, जो सनातनी हैं।
गिनती नहीं करती कितने महामंडलेश्वर
एक सवाल के जवाब में महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मैं यह गिनती नहीं करती कि किन्नर अखाड़े के कितने महामंडलेश्वर हैं, क्योंकि हो सकता है गिनती करने से कुछ छूट जाए। हम बनाने में विश्वास करते हैं, गणना करने में नहीं। इस दौरान सूरत से दिलीपनंद गिरी महामंडलेश्वर, महाकालीनंद गिरी तेलंगाना महामंडलेश्वर, कामाख्यानंद गिरी राजस्थान, सीतारमण महामंडलेश्वर, गढ़ी मानिकपुर प्रतापगढ़ यूपी, रेखानंद गिरी महामंडलेश्वर, नंदिनीनंद गिरी गुजरात श्रीमहंत, गणेशानंद गिरी अकोला महाराष्ट्र श्रीमहंत सहित सुनहरीनंद गिरी इंदौर, आकांक्षानंद गिरी, गुंजननंद गिरी, अलोपी नंद गिरी एवं खुशीनंद गिरी को श्रीमहंत विशेष रूप से उपस्थित रहे।
किन्नर अखाड़ा के संतों ने किया अद्भुत नृत्य
सिंहस्थ कुंभ को लेकर आयोजित इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े की बैठक के दौरान एक पल वह भी आया जब अखाड़े के संतों ने अद्भुत नृत्य कर भगवान की आराधना की। अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि किन्नर अर्धनारीश्वर का स्वरूप होते हैं, इसलिए वे नृत्य कर भगवान की आराधना करते हैं। इसी कारण किन्नरों ने नृत्य की प्रस्तुति दी। उन्होंने यह भी बताया कि बैठक के दौरान कुंभ को लेकर विशेष चर्चा की गई है।

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