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चैत्र नवरात्रि: मैहर शारदा मेले में VIP दर्शन पर रोक, गर्भगृह में प्रवेश बंद; ड्रोन और CCTV से कड़ी निगरानी
Tue, 10 Mar 2026 07:25 PM IST
मैहर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
Published by: मैहर ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 07:25 PM IST
सार
मैहर के शारदा मंदिर में चैत्र नवरात्रि मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रशासन ने वीआईपी दर्शन और गर्भगृह प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया है। सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। मेले में ड्रोन-सीसीटीवी निगरानी, हथियारों पर प्रतिबंध और बाहरी ऑटो के प्रवेश पर रोक रहेगी।
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मैहर का शारदा देवी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चैत्र नवरात्रि के अवसर पर लगने वाले प्रसिद्ध शारदा मेले को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मां शारदा देवी मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में इस बार सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर सख्त फैसले लिए गए हैं।
मैहर में आयोजित समीक्षा बैठक में यह तय किया गया कि मेले के दौरान इस बार भी वीआईपी दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। प्रशासन का मानना है कि वीआईपी व्यवस्था समाप्त रहने से आम श्रद्धालुओं को बिना भेदभाव के सुगमता से दर्शन मिल सकेंगे। इसके अलावा मंदिर के गर्भगृह में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी और दर्शन निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही कराए जाएंगे।
कलेक्टर और एसपी ने की व्यवस्थाओं की समीक्षा
मेला व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर रानी बाटड और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह की मौजूदगी में कलेक्टर कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्लान, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाएं और श्रद्धालुओं की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। एसडीएम ने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। पूरे मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। साथ ही ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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मेला क्षेत्र में हथियार लेकर प्रवेश पर प्रतिबंध
प्रशासन ने साफ किया है कि मेले के दौरान कोई भी व्यक्ति अस्त्र-शस्त्र लेकर मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा। सुरक्षा जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए प्रवेश मार्गों पर विशेष चेकिंग व्यवस्था भी की जाएगी।
ये भी पढ़ें- महाकाल की भस्म आरती में पहुंचीं टीवी अभिनेत्री कनिका मान, बोलीं– शब्दों में नहीं बता सकती अनुभव
ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव
श्रद्धालुओं को जाम और अव्यवस्था से बचाने के लिए इस बार ट्रैफिक प्लान में भी बदलाव किया गया है। मेला क्षेत्र में बाहरी ऑटो के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा अतिरिक्त वैन और परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा पार्किंग स्थलों को व्यवस्थित करने और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दलालों और असामाजिक तत्वों पर रहेगी नजर
मेले में अक्सर श्रद्धालुओं को ठगने वाले दलाल सक्रिय हो जाते हैं। इस बार ऐसे लोगों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। भीड़ में बिछड़ने वाले लोगों की मदद के लिए हाई-टेक ‘खोया-पाया केंद्र’ भी स्थापित किया जाएगा, जहां से लाउडस्पीकर और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से लोगों को मिलाने में सहायता की जाएगी।
रोपवे और मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय
बैठक में मंदिर प्रबंधन और रोपवे संचालन से जुड़े अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए। रोपवे के सुचारू संचालन और श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन और मंदिर समिति के बीच समन्वय से काम करने पर जोर दिया गया। बैठक में सीएसपी महेंद्र सिंह, तहसीलदार जितेंद्र पटेल, मंदिर के प्रधान पुजारी पवन पांडेय, रोपवे मैनेजर अशरफ अली सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। प्रशासन का उद्देश्य है कि चैत्र नवरात्रि के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम तरीके से मां शारदा के दर्शन कराए जा सकें। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मैहर में आयोजित समीक्षा बैठक में यह तय किया गया कि मेले के दौरान इस बार भी वीआईपी दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। प्रशासन का मानना है कि वीआईपी व्यवस्था समाप्त रहने से आम श्रद्धालुओं को बिना भेदभाव के सुगमता से दर्शन मिल सकेंगे। इसके अलावा मंदिर के गर्भगृह में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी और दर्शन निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही कराए जाएंगे।
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कलेक्टर और एसपी ने की व्यवस्थाओं की समीक्षा
मेला व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर रानी बाटड और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह की मौजूदगी में कलेक्टर कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्लान, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाएं और श्रद्धालुओं की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। एसडीएम ने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। पूरे मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। साथ ही ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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मेला क्षेत्र में हथियार लेकर प्रवेश पर प्रतिबंध
प्रशासन ने साफ किया है कि मेले के दौरान कोई भी व्यक्ति अस्त्र-शस्त्र लेकर मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा। सुरक्षा जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए प्रवेश मार्गों पर विशेष चेकिंग व्यवस्था भी की जाएगी।
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ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव
श्रद्धालुओं को जाम और अव्यवस्था से बचाने के लिए इस बार ट्रैफिक प्लान में भी बदलाव किया गया है। मेला क्षेत्र में बाहरी ऑटो के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा अतिरिक्त वैन और परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा पार्किंग स्थलों को व्यवस्थित करने और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दलालों और असामाजिक तत्वों पर रहेगी नजर
मेले में अक्सर श्रद्धालुओं को ठगने वाले दलाल सक्रिय हो जाते हैं। इस बार ऐसे लोगों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। भीड़ में बिछड़ने वाले लोगों की मदद के लिए हाई-टेक ‘खोया-पाया केंद्र’ भी स्थापित किया जाएगा, जहां से लाउडस्पीकर और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से लोगों को मिलाने में सहायता की जाएगी।
रोपवे और मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय
बैठक में मंदिर प्रबंधन और रोपवे संचालन से जुड़े अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए। रोपवे के सुचारू संचालन और श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन और मंदिर समिति के बीच समन्वय से काम करने पर जोर दिया गया। बैठक में सीएसपी महेंद्र सिंह, तहसीलदार जितेंद्र पटेल, मंदिर के प्रधान पुजारी पवन पांडेय, रोपवे मैनेजर अशरफ अली सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। प्रशासन का उद्देश्य है कि चैत्र नवरात्रि के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम तरीके से मां शारदा के दर्शन कराए जा सकें। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
