{"_id":"6828a3257f944f63990a378c","slug":"maihar-news-the-contract-company-left-a-hand-pump-in-the-middle-of-the-tar-road-in-maihar-2025-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"गजब का विकास: सिंगल से डबल लेन हो गई सड़क, बीच में रह गया हैंडपंप; कैसे मिलेगा पानी और कैसे दौड़ेंगे वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गजब का विकास: सिंगल से डबल लेन हो गई सड़क, बीच में रह गया हैंडपंप; कैसे मिलेगा पानी और कैसे दौड़ेंगे वाहन
Sat, 17 May 2025 08:24 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 17 May 2025 08:24 PM IST
सार
168 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत सिंगल लाइन सड़क को डबल लाइन में बदला जा रहा है। लेकिन भैसरहा गांव के पास स्थित एकमात्र हैंडपंप को हटाने या शिफ्ट करने की बजाय सड़क उसी पर बना दी गई।
विज्ञापन
सड़क के बीचोंबीच हैंडपंप।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मैहर जिले में एक लापरवाही सामने आई जिसे देखकर किसी का भी सिर चकरा जाए। एक निर्माणाधीन डामरीकृत सड़क के बीचों बीच हैंडपंप को जस का तस छोड़ दिया गया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना से ठेकेदार की घोर लापरवाही उजागर हुई है।
विज्ञापन
दरअसल ये पूरा मामला रामनगर के जिगना के भैसरहा मार्ग का है जहां MPRDC की निगरानी में काम कर रही ठेका कंपनी शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन सड़क को चौड़ा कर रही है। कंपनी ने सड़क तो बना दी मगर बीचोंबीच मौजूद हैंडपंप को न तो हटाया गया और न ही शिफ्ट किया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- कर्ज से परेशान होकर युवती ने किया था सुसाइड, परिवार को कर्ज का पता ही नहीं था
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि रामनगर से गोविंदगढ़ के बीच 168 करोड़ रुपये की लागत से सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा था। सिंगल लाइन सड़क को डबल लाइन में तब्दील किया जा रहा है। भैसरहा के पास सड़क किनारे एक हैंडपंप पहले से मौजूद था, जिसे हटने की जरूरत थी पर ठेकेदार ने सड़क इसी पर बना दी, जो दुर्घटना को दावत देता नजर आ रहा है। वहीं पूरे गांव में एक यही मात्र हैंडपंप था जो गर्मी के दिनों में ग्रामीणों का सहारा था। सड़क बन जाने के चलते अब लोग दो किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
