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MP: व्यापारी पर जानलेवा हमले का आरोपी सैंडी गिरफ्तार, दिल्ली-उत्तराखंड तक दबिश के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा
Wed, 12 Aug 2026 09:16 AM IST
मंडला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला
Published by: मंडला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 09:16 AM IST
सार
बम्हनी क्षेत्र के सैंडी बरमैया को बरेला पुलिस ने भोपाल क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। व्यापारी शंकर गुरनानी पर कथित जानलेवा हमले के मामले में सैंडी बरमैया और उसके कथित सह-आरोपी कपिल साहू को जबलपुर लाया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई राज्यों और जिलों में दबिश दी थी।
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रेत कारोबारी सैंडी बरमैया गिरफ्तार
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
रेत कारोबार को लेकर लंबे समय से विवादों में रहे बम्हनी क्षेत्र के सैंडी बरमैया को बरेला पुलिस ने भोपाल क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, व्यापारी शंकर गुरनानी पर कथित जानलेवा हमले के मामले में सैंडी बरमैया और उसके कथित सह-आरोपी कपिल साहू को गिरफ्तार कर जबलपुर लाया गया है। पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश में दिल्ली, उत्तराखंड, रायपुर और मंडला समेत कई स्थानों पर दबिश दी थी। गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में आरोपियों के लंबे समय तक फरार रहने और इस दौरान कथित रूप से मिले संरक्षण को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से आरोप लगाए जाते रहे हैं कि गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। साथ ही प्रभावशाली लोगों की कथित भूमिका की जांच की मांग भी उठाई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रेत कारोबार को लेकर भी सवाल
सैंडी बरमैया के कथित रेत कारोबार को लेकर भी बम्हनी क्षेत्र में कई सवाल सामने आए हैं। आरोप है कि रेत के परिवहन में बड़ी संख्या में वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है और क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेत का कथित स्टॉक भी किया जाता है। ऐसे में खनिज, परिवहन, राजस्व और पुलिस विभाग की ओर से रेत परिवहन में लगे वाहनों के दस्तावेज, ई-रवन्ना, रॉयल्टी, परमिट, जीपीएस रिकॉर्ड और रेत भंडारण की अनुमति की जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
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ये भी पढ़ें- MP: अवैध संबंध के शक में युवक की हत्या! सिर धड़ से किया अलग, प्राइवेट पार्ट भी काटा; जांच में जुटी पुलिस
अब जांच पर नजर
सैंडी बरमैया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच के साथ-साथ उसके कथित रेत कारोबार से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। बड़ा सवाल यह है कि यदि लंबे समय से बड़े पैमाने पर रेत का कारोबार और कथित स्टॉक किया जा रहा था, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी? अब पुलिस कार्रवाई के साथ खनिज और अन्य संबंधित विभाग इस मामले में क्या जांच करते हैं, इस पर भी लोगों की नजर रहेगी।
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गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से आरोप लगाए जाते रहे हैं कि गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपी लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। साथ ही प्रभावशाली लोगों की कथित भूमिका की जांच की मांग भी उठाई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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रेत कारोबार को लेकर भी सवाल
सैंडी बरमैया के कथित रेत कारोबार को लेकर भी बम्हनी क्षेत्र में कई सवाल सामने आए हैं। आरोप है कि रेत के परिवहन में बड़ी संख्या में वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है और क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेत का कथित स्टॉक भी किया जाता है। ऐसे में खनिज, परिवहन, राजस्व और पुलिस विभाग की ओर से रेत परिवहन में लगे वाहनों के दस्तावेज, ई-रवन्ना, रॉयल्टी, परमिट, जीपीएस रिकॉर्ड और रेत भंडारण की अनुमति की जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
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अब जांच पर नजर
सैंडी बरमैया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच के साथ-साथ उसके कथित रेत कारोबार से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। बड़ा सवाल यह है कि यदि लंबे समय से बड़े पैमाने पर रेत का कारोबार और कथित स्टॉक किया जा रहा था, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी? अब पुलिस कार्रवाई के साथ खनिज और अन्य संबंधित विभाग इस मामले में क्या जांच करते हैं, इस पर भी लोगों की नजर रहेगी।
