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MP News: मंदसौर जिले के गांव में मिले दुर्लभ बीमारी GBS के चार मामले , मचा स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मंदसौर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 07 Aug 2025 01:41 PM IST
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सार
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के मुलतानपुरा गांव में गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) के चार मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि कुल सात संदिग्ध मामले सामने आए हैं। जिला प्रशासन ने गांव में घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है।
(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : meta AI
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विस्तार
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के मुलतानपुरा गांव में गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) नामक एक दुर्लभ तंत्रिका संबंधी बीमारी के चार मामलों की पुष्टि हुई है। यह जानकारी जिला कलेक्टर अदिति गर्ग ने दी। कलेक्टर ने बताया कि अब तक गांव से GBS के सात संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से चार मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद प्रशासन ने गांव में जांच और सर्वे टीमों को तैनात कर दिया है, जो घर-घर जाकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं अन्य लोग भी इस बीमारी से पीड़ित तो नहीं हैं।
अदिति गर्ग ने बताया कि कुछ मरीजों का इलाज मंदसौर के बाहर अहमदाबाद और इंदौर जैसे शहरों में भी चल रहा है। ऐसे मरीजों की चिकित्सकीय रिपोर्ट की जांच की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि संक्रमण किस कारण फैला। जिला अस्पताल और सर्वे के प्रभारी डॉ. शुभम सिलावट ने बताया कि GBS से पीड़ित व्यक्ति में डायरिया, बुखार, मांसपेशियों में कमजोरी और झनझनाहट जैसे प्रारंभिक लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह बीमारी दुर्लभ जरूर है, लेकिन किसी को भी हो सकती है और आमतौर पर किसी संक्रमण के बाद ही विकसित होती है।
ये भी पढ़ें- सीएम डॉ. यादव बोले- प्रदेश में धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी और बलराम जयंती
इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) खुद ही नसों पर हमला करने लगती है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी और कुछ मामलों में लकवे की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में महाराष्ट्र के पुणे जिले में GBS के करीब 200 मामले सामने आए थे, साथ ही मुंबई सहित अन्य जगहों पर भी कुछ मामले दर्ज किए गए थे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इन लक्षणों से पीड़ित हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और लापरवाही न बरतें।
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अदिति गर्ग ने बताया कि कुछ मरीजों का इलाज मंदसौर के बाहर अहमदाबाद और इंदौर जैसे शहरों में भी चल रहा है। ऐसे मरीजों की चिकित्सकीय रिपोर्ट की जांच की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि संक्रमण किस कारण फैला। जिला अस्पताल और सर्वे के प्रभारी डॉ. शुभम सिलावट ने बताया कि GBS से पीड़ित व्यक्ति में डायरिया, बुखार, मांसपेशियों में कमजोरी और झनझनाहट जैसे प्रारंभिक लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह बीमारी दुर्लभ जरूर है, लेकिन किसी को भी हो सकती है और आमतौर पर किसी संक्रमण के बाद ही विकसित होती है।
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इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) खुद ही नसों पर हमला करने लगती है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी और कुछ मामलों में लकवे की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में महाराष्ट्र के पुणे जिले में GBS के करीब 200 मामले सामने आए थे, साथ ही मुंबई सहित अन्य जगहों पर भी कुछ मामले दर्ज किए गए थे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इन लक्षणों से पीड़ित हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और लापरवाही न बरतें।

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