सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Mandsaur News ›   Four cases of rare disease GBS found in a village in Mandsaur district, panic in the health department

MP News: मंदसौर जिले के गांव में मिले दुर्लभ बीमारी GBS के चार मामले , मचा स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मंदसौर Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Thu, 07 Aug 2025 01:41 PM IST
विज्ञापन
सार

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के मुलतानपुरा गांव में गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) के चार मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि कुल सात संदिग्ध मामले सामने आए हैं। जिला प्रशासन ने गांव में घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है। 
 

Four cases of rare disease GBS found in a village in Mandsaur district, panic in the health department
(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : meta AI
विज्ञापन

विस्तार

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के मुलतानपुरा गांव में गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) नामक एक दुर्लभ तंत्रिका संबंधी बीमारी के चार मामलों की पुष्टि हुई है। यह जानकारी जिला कलेक्टर अदिति गर्ग ने दी। कलेक्टर ने बताया कि अब तक गांव से GBS के सात संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से चार मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद प्रशासन ने गांव में जांच और सर्वे टीमों को तैनात कर दिया है, जो घर-घर जाकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं अन्य लोग भी इस बीमारी से पीड़ित तो नहीं हैं।
Trending Videos


अदिति गर्ग ने बताया कि कुछ मरीजों का इलाज मंदसौर के बाहर अहमदाबाद और इंदौर जैसे शहरों में भी चल रहा है। ऐसे मरीजों की चिकित्सकीय रिपोर्ट की जांच की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि संक्रमण किस कारण फैला। जिला अस्पताल और सर्वे के प्रभारी डॉ. शुभम सिलावट ने बताया कि GBS से पीड़ित व्यक्ति में डायरिया, बुखार, मांसपेशियों में कमजोरी और झनझनाहट जैसे प्रारंभिक लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह बीमारी दुर्लभ जरूर है, लेकिन किसी को भी हो सकती है और आमतौर पर किसी संक्रमण के बाद ही विकसित होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- सीएम डॉ. यादव बोले- प्रदेश में धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी और बलराम जयंती

इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) खुद ही नसों पर हमला करने लगती है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी और कुछ मामलों में लकवे की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में महाराष्ट्र के पुणे जिले में GBS के करीब 200 मामले सामने आए थे, साथ ही मुंबई सहित अन्य जगहों पर भी कुछ मामले दर्ज किए गए थे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इन लक्षणों से पीड़ित हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और लापरवाही न बरतें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed