सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Mandsaur: Youth reaches public hearing with pot, broom and Constitution, makes unusual protest seeking justice

Mandsaur: मटकी, झाड़ू और संविधान के साथ जनसुनवाई में पहुंचा युवक, अनोखे प्रदर्शन के साथ लगाई न्याय की गुहार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर Published by: मंदसौर ब्यूरो Updated Tue, 28 Apr 2026 05:46 PM IST
विज्ञापन
सार

मंदसौर में साप्ताहिक जनसुनवाई में एक फरियादी का अनोखा प्रदर्शन चर्चा में आ गया, जब वह गले में मटकी, पीठ पर झाड़ू और हाथ में संविधान लेकर पहुंचा। अपनी इस सांकेतिक प्रस्तुति के जरिए उसने प्रशासन के सामने न्याय न मिलने की पीड़ा जाहिर की और कार्रवाई की मांग की।

Mandsaur: Youth reaches public hearing with pot, broom and Constitution, makes unusual protest seeking justice
जनसुनवाई में न्याय की गुहार लेकर अनोखे अंदाज में पहुंचा फरियादी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

शहर में कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को एक फरियादी का अनोखा प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया। मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र से आए रवि सूर्यवंशी ने गले में मटकी और पोछा, पीठ पर झाड़ू बांधकर तथा हाथ में संविधान की प्रति लेकर अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत की।
Trending Videos


रवि सूर्यवंशी ने अपने अनोखे अंदाज से प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने की कोशिश की। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन व्यवस्था के प्रति उनकी नाराजगी और न्याय की मांग का प्रतीक है। रवि का आरोप है कि उन्हें और उनके परिवार को सरपंच प्रतिनिधि के रसूखदार परिवार द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगया कि दबंगों ने उनकी जमीन हड़प ली और आए दिन उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया जाता है। हद तो तब हो गई जब उनके परिवार की महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: उज्जैन सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय: किसने दीवारों पर लिखा तुम सब मरोगे! लाल कपड़े के पीछे का क्या है खेल ?

रवि का कहना है कि वे कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई कहीं नहीं हुई। हारकर उन्होंने प्रशासन को जगाने के लिए यह रास्ता चुना।

क्या अब जागेगा प्रशासन?
गले में मटकी और पीठ पर झाड़ू बांधकर रवि ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है।

अब सवाल यह है कि क्या इस 'अनोखे' प्रदर्शन और संविधान की किताब को हाथ में लेकर अपनी पीड़ा बयां करने वाले रवि को न्याय मिलेगा? या फिर यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबकर रह जाएगा? मंदसौर के लोग अब प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed