{"_id":"69f0a529c15c87d8a3040315","slug":"mandsaur-youth-reaches-public-hearing-with-pot-broom-and-constitution-makes-unusual-protest-seeking-justice-2026-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandsaur: मटकी, झाड़ू और संविधान के साथ जनसुनवाई में पहुंचा युवक, अनोखे प्रदर्शन के साथ लगाई न्याय की गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandsaur: मटकी, झाड़ू और संविधान के साथ जनसुनवाई में पहुंचा युवक, अनोखे प्रदर्शन के साथ लगाई न्याय की गुहार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: मंदसौर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2026 05:46 PM IST
विज्ञापन
सार
मंदसौर में साप्ताहिक जनसुनवाई में एक फरियादी का अनोखा प्रदर्शन चर्चा में आ गया, जब वह गले में मटकी, पीठ पर झाड़ू और हाथ में संविधान लेकर पहुंचा। अपनी इस सांकेतिक प्रस्तुति के जरिए उसने प्रशासन के सामने न्याय न मिलने की पीड़ा जाहिर की और कार्रवाई की मांग की।
जनसुनवाई में न्याय की गुहार लेकर अनोखे अंदाज में पहुंचा फरियादी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
शहर में कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को एक फरियादी का अनोखा प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया। मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र से आए रवि सूर्यवंशी ने गले में मटकी और पोछा, पीठ पर झाड़ू बांधकर तथा हाथ में संविधान की प्रति लेकर अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत की।
रवि सूर्यवंशी ने अपने अनोखे अंदाज से प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने की कोशिश की। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन व्यवस्था के प्रति उनकी नाराजगी और न्याय की मांग का प्रतीक है। रवि का आरोप है कि उन्हें और उनके परिवार को सरपंच प्रतिनिधि के रसूखदार परिवार द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगया कि दबंगों ने उनकी जमीन हड़प ली और आए दिन उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया जाता है। हद तो तब हो गई जब उनके परिवार की महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की गई।
ये भी पढ़ें: उज्जैन सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय: किसने दीवारों पर लिखा तुम सब मरोगे! लाल कपड़े के पीछे का क्या है खेल ?
विज्ञापन
रवि का कहना है कि वे कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई कहीं नहीं हुई। हारकर उन्होंने प्रशासन को जगाने के लिए यह रास्ता चुना।
क्या अब जागेगा प्रशासन?
गले में मटकी और पीठ पर झाड़ू बांधकर रवि ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या इस 'अनोखे' प्रदर्शन और संविधान की किताब को हाथ में लेकर अपनी पीड़ा बयां करने वाले रवि को न्याय मिलेगा? या फिर यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबकर रह जाएगा? मंदसौर के लोग अब प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
रवि सूर्यवंशी ने अपने अनोखे अंदाज से प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने की कोशिश की। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन व्यवस्था के प्रति उनकी नाराजगी और न्याय की मांग का प्रतीक है। रवि का आरोप है कि उन्हें और उनके परिवार को सरपंच प्रतिनिधि के रसूखदार परिवार द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगया कि दबंगों ने उनकी जमीन हड़प ली और आए दिन उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया जाता है। हद तो तब हो गई जब उनके परिवार की महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: उज्जैन सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय: किसने दीवारों पर लिखा तुम सब मरोगे! लाल कपड़े के पीछे का क्या है खेल ?
रवि का कहना है कि वे कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई कहीं नहीं हुई। हारकर उन्होंने प्रशासन को जगाने के लिए यह रास्ता चुना।
क्या अब जागेगा प्रशासन?
गले में मटकी और पीठ पर झाड़ू बांधकर रवि ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या इस 'अनोखे' प्रदर्शन और संविधान की किताब को हाथ में लेकर अपनी पीड़ा बयां करने वाले रवि को न्याय मिलेगा? या फिर यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबकर रह जाएगा? मंदसौर के लोग अब प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
