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Mandsaur News: उप निरीक्षक का सहयोगी 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, कार्रवाई न करने की एवज मांगे 75 हजार रुपये

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 30 Nov 2024 04:50 PM IST
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सार

उप निरीक्षक का सहयोगी 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुआ है। उप निरीक्षक ने कार्रवाई न करने की एवज में 75 हजार रुपये रिश्वत मांगा था।

Mandsaur Sub-inspector assistant arrested for taking 30 thousand bribe demanded 75 thousand rupees
तीन लोगों के बीच में उप निरीक्षक और दूसरी ओर रिश्वत लेने वाला सहयोगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मंदसौर में लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने गरोठ में कार्रवाई करते हुए थाने पर पदस्थ सब इंस्पेक्टर के सहयोगी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि उप निरीक्षक द्वारा मारपीट के प्रकरण में कार्रवाई न करने की एवज में 75 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसकी पहली किश्त 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उप निरीक्षक के सहयोगी श्याम सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त ने उपनिरीक्षक सुभाष गिरी और सहयोगी श्याम सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है।

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मंदसौर शहर सहित जिले में लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। लोकायुक्त ने इस महीने में जिले में तीसरी कार्रवाई करते हुए गरोठ थाने पर पदस्थ उप निरीक्षक सुभाष गिरी के कहने पर उनके सहयोगी श्याम सिंह निवासी डिडोर को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि फरियादी राजेंद्र सिंह निवासी लारनी का एक महीने पूर्व पेट्रोल पंप पर विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत थाने पर की गई थी।
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मामले में गरोठ थाने पर पदस्थ उपनिरीक्षक सुभाष गिरी द्वारा फरियादी राजेंद्र सिंह से कार्रवाई न करने की एवज में 75 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। इसकी शिकायत राजेंद्र सिंह ने उज्जैन लोकायुक्त को की। शिकायत का सत्यापन करवाए जाने पर शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद लोकयुक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा के निर्देशन में डीएसपी सुनील तालान, डीएसपी राजेश पाठक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।

टीम सुबह गरोठ पहुंची, यहां फरियादी राजेंद्र सिंह ने उप निरीक्षक सुभाष गिरी को रिश्वत की पहली किश्त 30 हजार रुपये देने के लिए बुलाया। उप निरीक्षक ने अपने सहयोगी श्याम सिंह निवासी डीडोर को रिश्वत की राशि लेने के लिए भेजा। राजेंद्र सिंह ने जैसे ही श्याम सिंह को रिश्वत की राशि सौंपी, टीम ने श्याम सिंह को धर दबोचा। 

श्याम सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह उप निरीक्षक सुभाष गिरी के कहने पर रिश्वत की राशि लेने आया था। इस पर लोकायुक्त के उपनिरीक्षक सुभाष गिरी को भी आरोपी बनाया है। लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि मामले में आरोपी उप निरीक्षक सुभाष गिरी और सहयोगी श्याम सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया है। कार्रवाई में प्रधान आरक्षक हितेश लालावत, आरक्षक संदीप कदम, श्याम शर्मा, उमेश जाटव, अनिल अटोलिया, नीरज राठौर सहित 10 सदस्यों की टीम ने भाग लिया।

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