मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द: कैलाश विजयवर्गीय का दावा- हमें लंबित मामले की जानकारी कांग्रेस से ही मिली
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने को न्याय की जीत बताया। उन्होंने महेश केवट के राज्यसभा पहुंचने पर खुशी जताई और दावा किया कि नामांकन की त्रुटियों की जानकारी कांग्रेस के ही लोगों ने दी थी।
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मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया गया है। बीजेपी की आपत्ति पर मंगलवार को रिटर्निंग ऑफिसर अर्पित शर्मा ने ये फैसला लिया है। भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी ने तेलंगाना की हैदराबाद कोर्ट में लंबित एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में छिपाई है। पर्यवेक्षक ने कारण बताओ नोटिस जारी कर आज शाम तक जवाब मांगा था। इसी मामले को लेकर भाजपा विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
क्या कहा विजयवर्गीय ने?
कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने को न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह न्याय की जीत है। हमारे कार्यकर्ता महेश केवट को आशीर्वाद मिला है। वे रामलला के बिल्कुल पास रहते हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि चुनाव नहीं हुए तब भी हमारे भाई महेश केवट राज्यसभा सदस्य बनते और यदि चुनाव होता तब भी वही जीतते।
पढ़ें: कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, किस बात पर BJP ने जताई थी आपत्ति
वहीं, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र में त्रुटियों को लेकर विजयवर्गीय ने दावा किया कि इसकी जानकारी तेलंगाना से मिली थी। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस के भीतर मौजूद आपसी मतभेद उजागर होते हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है। आप समझ सकते हैं कि हमें यह जानकारी कांग्रेस के ही लोगों ने दी होगी। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि पार्टी की स्थिति ऐसी है कि वह अपने विधायकों को बेंगलुरु ले जाए या लंदन, परिणाम नहीं बदलने वाला था। उन्होंने कहा कि चुनाव होता तब भी भाजपा ही जीतती, क्योंकि देश की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कार्यों पर विश्वास है।
किस मामले में रद्द हुआ नामांकन?
राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित प्रकरण की जानकारी नहीं दी है। इसी आधार पर भाजपा ने उनका नामांकन निरस्त करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पार्टी के अनुसार उन्हें केवल अदालत की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ था, इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख करने का कोई दायित्व नहीं था।
#WATCH | Bhopal: Madhya Pradesh Minister Kailash Vijayvargiya hints that information about Congress RS candidate Meenakshi Natarajan's nomination papers containing errors came from Telangana, pointing to a rift within the Congress party.
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 9, 2026
He says, "... We're getting papers from… https://t.co/8tNSaTmKAt pic.twitter.com/OvXTzsD95H
दरअसल, हैदराबाद की फोर्थ एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में कॉरपोरेटर ए. श्रीलता ने मीनाक्षी नटराजन सहित अन्य लोगों के खिलाफ एक परिवाद दायर किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिव कुमार रेड्डी नामक व्यक्ति ने उनके साथ छेड़छाड़ की और मीनाक्षी नटराजन ने उसे संरक्षण दिया। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
