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Monsoon: इंदौर में दो दशक में 13 बार 20 जून के बाद सक्रिय हुआ मानसून, कपासी बादलों के डेरे से बढ़ीं उम्मीदें

Kamlesh Sen कमलेश सेन
Updated Thu, 18 Jun 2026 05:01 PM IST
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सार

इंदौर में पिछले दो दशकों के आंकड़े बताते हैं कि मानसून का आगमन सबसे जल्दी 11 जून 2021 और सबसे देर से 10 जुलाई 2013-14 में हुआ। 20 वर्षों में 13 बार मानसून 20 जून के बाद सक्रिय हुआ, जबकि अधिकांश वर्षों में यह जून के अंतिम सप्ताह में पहुंचा।

Monsoon: the monsoon has become active after June 20 on 13 occasions over the past two decades In Indore
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बारिश कब आएगी, इसे लेकर हर कोई परेशान है। इंदौर के आसमान में इन दिनों सफेद कपासी बादलों का डेरा है। कपासी बादल इस बात के संकेतक हैं कि वातावरण में नमी मौजूद है और हवाएं तेज गति से चल रही हैं। प्रदेश में आमतौर पर मानसून जून के अंतिम सप्ताह में सक्रिय होता है, जबकि कुछ अपवादस्वरूप वर्षों में ही इसकी आमद 15 जून तक दर्ज हुई है। पिछले दो दशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 20 वर्षों में 13 बार मानसून 20 जून के बाद ही इंदौर पहुंचा है।

शहर में मानसून पूर्व गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। पिछले दिनों कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश, बढ़ी नमी और ठंडी हवाओं के चलते संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही अच्छी बारिश हो सकती है। बीते 20 वर्षों के रिकॉर्ड बताते हैं कि इंदौर में मानसून अधिकांशतः 22 जून के बाद ही सक्रिय हुआ है।

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अब भी सता रही गर्मी
बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक है। तेज धूप और उमस के कारण लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।

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अब तक आधी ही बारिश
इंदौर के कुछ हिस्सों में मानसून पूर्व बारिश हुई है। जून माह में औसत वर्षा 147.3 मिमी रहती है, जबकि अब तक केवल 55.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जून में 134.4 मिमी वर्षा हुई थी। इस हिसाब से इस बार अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। किसान खेतों की सफाई कर बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि खरीफ फसलों की बुवाई शुरू की जा सके। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खेतों में बोवनी के लिए कम से कम चार इंच या उससे अधिक बारिश आवश्यक होती है।

मानसून की धीमी रफ्तार बनी वजह
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की गति धीमी होने के कारण इसके आगमन में देरी हुई है। हालांकि अगले तीन-चार दिनों में इसकी रफ्तार बढ़ने की संभावना है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 25 जून तक प्रदेश में मानसून सक्रिय हो सकता है। फिलहाल प्रदेशभर में मानसून पूर्व गतिविधियां जारी हैं। पिछले दो वर्षों में भी मानसून जून के अंतिम दिनों में सक्रिय हुआ था, लेकिन बाद में वर्षा का कोटा लगभग पूरा हो गया था।

आषाढ़ में अच्छी बारिश के संकेत
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित चंदन गुरु के अनुसार इस वर्ष अच्छी बारिश के योग बन रहे हैं। 29 जून को ज्येष्ठ माह समाप्त होगा और 30 जून से आषाढ़ मास प्रारंभ होगा। आषाढ़ में सामान्यतः अच्छी वर्षा के योग रहते हैं।

वर्ष मानसून आगमन तिथि
2006 29 जून
2007 25 जून
2008 14 जून
2009 27 जून
2010 17 जून
2011 22 जून
2012 3 जुलाई
2013 10 जुलाई
2014 10 जुलाई
2015 14 जून
2016 21 जून
2017 26 जून
2018 27 जून
2019 25 जून
2020 15 जून
2021 11 जून
2022 17 जून
2023 25 जून
2024 23 जून
2025 17 जून
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