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Ujjain News: भस्म आरती में वीआईपी कल्चर पर लगाम, अब एक मोबाइल नंबर से तीन महीने में सिर्फ एक बार मिलेगी अनुमति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 02:37 PM IST
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सार
महाकाल मंदिर समिति ने भस्म आरती की अनुमति प्रक्रिया में सख्ती करते हुए नया नियम लागू किया है। अब एक मोबाइल नंबर से तीन महीने में केवल एक बार ही भस्म आरती की अनुमति मिल सकेगी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद समिति ने यह व्यवस्था दोबारा लागू की है।
बाबा श्री महाकाल की भस्म आरती के नियमों में बदलाव।
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विस्तार
भगवान महाकाल की भस्म आरती में बार-बार अनुमति लेने वालों पर अब मंदिर समिति ने सख्ती कर दी है। नए नियम के तहत अब कोई भी श्रद्धालु, चाहे आम हो या प्रोटोकॉल वाला, एक मोबाइल नंबर से तीन महीने में केवल एक बार ही भस्म आरती की अनुमति ले सकेगा।
याद रहे कि अब तक कई श्रद्धालु प्रोटोकॉल या दूसरे तरीकों से हर महीने भस्म आरती की ऑनलाइन अनुमति लेकर दर्शन कर रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मंदिर समिति ने पुराने नियम को फिर से सख्ती से लागू कर दिया है। अब एक बार अनुमति लेने के बाद उसी मोबाइल नंबर से दोबारा बुकिंग के लिए 90 दिन का इंतजार करना होगा।
वर्ष 2024 में भी हुआ था नियम लागू
बता दें कि 2024 में भी तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने भस्म आरती की बुकिंग में धांधली की शिकायतों के बाद एक आधार और एक मोबाइल नंबर से तीन महीने में एक बार अनुमति का नियम बनाया था। कुछ समय तक ये व्यवस्था चली, लेकिन बाद में बंद कर दी गई थी। अब फिर से शिकायतें बढ़ने पर नियम को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है।
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प्रशासक बोले - नियम नया नहीं, सिर्फ सख्ती बढ़ाई
महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने साफ किया कि यह व्यवस्था पहले से लागू है। अब इसे और प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है ताकि आम श्रद्धालुओं को भी आसानी से दर्शन का मौका मिले। अब एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग नहीं हो सकेगा।
जानिए क्या बदला नियम में?
• पहले: प्रोटोकॉल से हर महीने बुकिंग संभव थी
• अब: हर मोबाइल नंबर से 3 महीने में सिर्फ 1 बार बुकिंग
• लागू: आम श्रद्धालु + प्रोटोकॉल दोनों पर
• मकसद: बार-बार दर्शन करने वालों पर रोक, सबको समान मौका
• आधार कार्ड: एक आधार से भी 3 महीने में 1 बार ही अनुमति
ये भी पढ़ें- छिंदवाड़ा में बड़ा सड़क हादसा: मजदूरों से भरी पिकअप की ट्रक से भीषण टक्कर, पांच लोगों की हुई मौत; 20 हुए घायल
आम श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत
इस नियम से उन आम भक्तों को फायदा होगा जो महीनों तक ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाते थे। अब वीआईपी और बार-बार दर्शन करने वालों की मोनोपॉली टूटेगी। मंदिर समिति का दावा है कि इससे भस्म आरती में पारदर्शिता बढ़ेगी।
याद रहे कि अब तक कई श्रद्धालु प्रोटोकॉल या दूसरे तरीकों से हर महीने भस्म आरती की ऑनलाइन अनुमति लेकर दर्शन कर रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मंदिर समिति ने पुराने नियम को फिर से सख्ती से लागू कर दिया है। अब एक बार अनुमति लेने के बाद उसी मोबाइल नंबर से दोबारा बुकिंग के लिए 90 दिन का इंतजार करना होगा।
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वर्ष 2024 में भी हुआ था नियम लागू
बता दें कि 2024 में भी तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने भस्म आरती की बुकिंग में धांधली की शिकायतों के बाद एक आधार और एक मोबाइल नंबर से तीन महीने में एक बार अनुमति का नियम बनाया था। कुछ समय तक ये व्यवस्था चली, लेकिन बाद में बंद कर दी गई थी। अब फिर से शिकायतें बढ़ने पर नियम को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है।
प्रशासक बोले - नियम नया नहीं, सिर्फ सख्ती बढ़ाई
महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने साफ किया कि यह व्यवस्था पहले से लागू है। अब इसे और प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है ताकि आम श्रद्धालुओं को भी आसानी से दर्शन का मौका मिले। अब एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग नहीं हो सकेगा।
जानिए क्या बदला नियम में?
• पहले: प्रोटोकॉल से हर महीने बुकिंग संभव थी
• अब: हर मोबाइल नंबर से 3 महीने में सिर्फ 1 बार बुकिंग
• लागू: आम श्रद्धालु + प्रोटोकॉल दोनों पर
• मकसद: बार-बार दर्शन करने वालों पर रोक, सबको समान मौका
• आधार कार्ड: एक आधार से भी 3 महीने में 1 बार ही अनुमति
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आम श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत
इस नियम से उन आम भक्तों को फायदा होगा जो महीनों तक ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाते थे। अब वीआईपी और बार-बार दर्शन करने वालों की मोनोपॉली टूटेगी। मंदिर समिति का दावा है कि इससे भस्म आरती में पारदर्शिता बढ़ेगी।

बाबा महाकाल की भस्म आरती

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