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Sagar News: संभागीय कमिश्नर की बड़ी कार्रवाई, संयुक्त संचालक डॉ. कल्पना दीवान निलंबित; विभाग में हलचल तेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 02:11 PM IST
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सार
सागर संभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए संभागीय कमिश्नर ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की संयुक्त संचालक डॉ. कल्पना दीवान को निलंबित कर दिया है। उन पर ई-अटेंडेंस नियमों की अनदेखी कर बिना डिजिटल उपस्थिति दर्ज किए कर्मचारियों का वेतन जारी करने का आरोप है।
निलंबित जेडी डॉ कल्पना दीवान।
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विस्तार
सागर संभाग से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। सागर संभागीय कमिश्नर अनिल सुचारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पशुपालन एवं डेयरी विभाग की संभागीय संयुक्त संचालक (JD) डॉ. कल्पना दीवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डॉ. दीवान पर शासन के निर्देशों की अवहेलना करने और ई-अटेंडेंस नियमों का पालन न करने के गंभीर आरोप हैं। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश शासन द्वारा शासकीय विभागों में पारदर्शिता लाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत यदि कोई भी शासकीय कर्मचारी ‘सार्थक ऐप’ पर अपनी ई-अटेंडेंस (डिजिटल उपस्थिति) दर्ज नहीं करता है, तो उसे उस अवधि का वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा।
आरोप है कि संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. कल्पना दीवान ने इन नियमों को ताक पर रख दिया। उन्होंने 'सार्थक ऐप' पर बिना ई-अटेंडेंस लगाए ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का शासन मद से वेतन जारी कर दिया।
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कमिश्नर की जांच में खुली पोल
वित्तीय अनियमितता और नियमों के उल्लंघन का यह मामला जैसे ही सागर संभागीय कमिश्नर अनिल सुचारी के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। शुरुआती जांच में ही डॉ. कल्पना दीवान पर लगे आरोप सही पाए गए और वे प्रथम दृष्टया दोषी सिद्ध हुईं। इसके बाद कमिश्नर ने बिना देर किए उनके निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
ये भी पढ़ें- छिंदवाड़ा में बड़ा सड़क हादसा: मजदूरों से भरी पिकअप की ट्रक से भीषण टक्कर, पांच लोगों की हुई मौत; 20 हुए घायल
विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि इस लापरवाही के पीछे कहीं कोई अन्य वजह या सांठगांठ तो नहीं थी। प्रशासनिक गलियारों में इस सख्त फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश शासन द्वारा शासकीय विभागों में पारदर्शिता लाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत यदि कोई भी शासकीय कर्मचारी ‘सार्थक ऐप’ पर अपनी ई-अटेंडेंस (डिजिटल उपस्थिति) दर्ज नहीं करता है, तो उसे उस अवधि का वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा।
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आरोप है कि संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. कल्पना दीवान ने इन नियमों को ताक पर रख दिया। उन्होंने 'सार्थक ऐप' पर बिना ई-अटेंडेंस लगाए ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का शासन मद से वेतन जारी कर दिया।
कमिश्नर की जांच में खुली पोल
वित्तीय अनियमितता और नियमों के उल्लंघन का यह मामला जैसे ही सागर संभागीय कमिश्नर अनिल सुचारी के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। शुरुआती जांच में ही डॉ. कल्पना दीवान पर लगे आरोप सही पाए गए और वे प्रथम दृष्टया दोषी सिद्ध हुईं। इसके बाद कमिश्नर ने बिना देर किए उनके निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
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विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि इस लापरवाही के पीछे कहीं कोई अन्य वजह या सांठगांठ तो नहीं थी। प्रशासनिक गलियारों में इस सख्त फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।
