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ई-अटेंडेंस पर विवाद: पूरे विभाग के लिए हाजिरी अनिवार्य,शिक्षक बोले-ट्रांसफर में सिर्फ हम पर 90% की शर्त क्यों?

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 22 Jun 2026 04:34 PM IST
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सार

स्कूल शिक्षा विभाग में 1 जुलाई से सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य किए जाने के आदेश के बाद शिक्षकों ने स्थानांतरण नीति में राहत की मांग तेज कर दी है। शिक्षक संगठन का कहना है कि जब व्यवस्था पूरे विभाग पर लागू है तो ट्रांसफर में सिर्फ शिक्षकों पर 90% ई-अटेंडेंस की शर्त थोपना उचित नहीं है।
 

Controversy over e-attendance: Attendance mandatory for the entire department; teachers ask why the 90% requir
डीपीआई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

 लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के नए आदेश ने स्कूल शिक्षा विभाग में ई-अटेंडेंस को लेकर चल रही बहस को नया मोड़ दे दिया है। संचालनालय ने 1 जुलाई 2026 से विभाग के सभी कार्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों, कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए हमारे शिक्षक पोर्टल के जरिए ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। आदेश जारी होने के बाद शासकीय शिक्षक संगठन ने स्थानांतरण नीति में लागू 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की शर्त पर सवाल खड़े किए हैं। संगठन का कहना है कि अब यह साफ हो गया है कि ई-अटेंडेंस केवल शिक्षकों के लिए नहीं बल्कि पूरे विभाग के लिए लागू की जा रही है, इसलिए स्थानांतरण में सिर्फ शिक्षकों को इस आधार पर प्रतिबंधित करना न्यायसंगत नहीं है।


ट्रांसफर नीति में राहत की मांग तेज
शासकीय शिक्षक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा कि जनवरी से मार्च के बीच बड़ी संख्या में शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं, उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, जनगणना और अन्य शासकीय कार्यों में लगे रहे। ऐसे में कई शिक्षकों की ई-अटेंडेंस तकनीकी और व्यावहारिक कारणों से प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर शिक्षकों को स्वैच्छिक स्थानांतरण से वंचित करना उचित नहीं होगा। सरकार को ई-अटेंडेंस से जुड़ी कठोर शर्तों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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हजारों शिक्षकों पर पड़ सकता है असर
संगठन का दावा है कि वर्तमान व्यवस्था के चलते हजारों शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। कई शिक्षक ऐसे हैं जिनकी उपस्थिति सरकारी कार्यों या तकनीकी समस्याओं के कारण पूरी नहीं हो पाई, जबकि वे नियमित रूप से ड्यूटी पर मौजूद रहे।
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नीति शिक्षक हितैषी और न्यायपूर्ण बने
शिक्षक संगठन ने मांग की है कि स्थानांतरण नीति को शिक्षक हितैषी, पारदर्शी और न्यायपूर्ण बनाया जाए। संगठन ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार शिक्षकों की आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी तथा आवश्यक संशोधन कर राहत प्रदान करेगी।

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1 जुलाई से पूरे विभाग पर लागू होगी व्यवस्था
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के अनुसार 1 जुलाई 2026 से स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों एवं अधिकारियों को भी "हमारे शिक्षक" प्रणाली के माध्यम से ई-अटेंडेंस दर्ज करनी होगी। इसी आदेश को आधार बनाकर शिक्षक संगठन अब ट्रांसफर नीति में संशोधन की मांग को और मुखरता से उठा रहा है।
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