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अवैध निर्माण के खिलाफ टॉर्च मार्च: 50 से ज्यादा रहवासी समितियां सड़कों पर, बोले- आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं?
Sun, 09 Aug 2026 07:28 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 09 Aug 2026 07:28 PM IST
सार
भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में कथित अवैध निर्माण, अतिक्रमण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ 50 से अधिक रहवासी समितियों ने टॉर्च लाइट मार्च निकाला। रहवासियों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अवैध निर्माण हटाने और आवासीय क्षेत्रों को बचाने की मांग की।
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भोपाल में रहवासियों ने टॉर्च लाइट मार्च निकाला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आवासीय कॉलोनियों में कथित अवैध निर्माण, अतिक्रमण और आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ रविवार शाम भोपाल में रहवासियों ने टॉर्च लाइट मार्च निकाला। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के आह्वान पर शहर की 50 से अधिक रहवासी समितियों के लोग अरेरा कॉलोनी के महावीर द्वार पर जुटे और करीब दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए वंदे मातरम् चौराहे पहुंचे। टॉर्च की रोशनी में निकले मार्च में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। रहवासियों ने हाथों में टॉर्च लेकर अवैध निर्माण हटाओ, आवासीय क्षेत्र बचाओ का संदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
रहवासियों ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद नगर निगम की ओर से अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका सवाल है कि जब निगम पहले ही सर्वे करा चुका है और हजारों अवैध निर्माण सामने आने की जानकारी न्यायालय को दी जा चुकी है, तो दोबारा सर्वे के नाम पर कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है। समिति ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में देरी से रसूखदार लोगों और भूमाफियाओं को फायदा मिल रहा है। हालांकि ये आरोप रहवासी समिति की ओर से लगाए गए हैं।
मास्टर प्लान का हवाला देकर कार्रवाई रोकने का आरोप
रहवासियों का कहना है कि अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई के दौरान मास्टर प्लान का हवाला दिया जा रहा है। उनका दावा है कि वर्ष 2005 के मास्टर प्लान में अरेरा कॉलोनी के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान निर्धारित हैं।
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समिति ने सुझाव दिया कि जिन व्यापारिक गतिविधियों को हटाया जाना है, उन्हें मेट्रो प्लाजा, मानसरोवर कॉम्प्लेक्स, मेट्रो वॉक और अन्य उपलब्ध व्यावसायिक परिसरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसके अलावा टीटी नगर में स्मार्ट सिटी के लिए खाली पड़ी जमीन पर व्यवस्थित बाजार विकसित करने का भी सुझाव दिया गया।
अवैध निर्माण पर तत्काल रोक की मांग
संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने प्रशासन और नगर निगम से आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और गलत भू-उपयोग के खिलाफ बिना भेदभाव कार्रवाई करने की मांग की। समिति ने यह भी कहा कि आवासीय भूखंडों पर वर्तमान में निर्माणाधीन भवनों की जांच कर कार्रवाई होने तक उनके निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
यह भी पढ़ें-स्कूलों में बच्चों की हाजिरी भी होगी ऑनलाइन: 9वीं से 12वीं तक नई व्यवस्था लागू,कम उपस्थिति वाले छात्रों पर नजर
कार्रवाई नहीं हुई तो अवमानना याचिका की चेतावनी
रहवासियों ने चेतावनी दी कि यदि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो वे न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करने के लिए मजबूर होंगे। समिति का कहना है कि टॉर्च मार्च केवल विरोध नहीं, बल्कि आवासीय क्षेत्रों को बचाने के लिए नागरिकों के अभियान की शुरुआत है।अरेरा कॉलोनी से शुरू हुई इस मुहिम में अब गौतम नगर, विकास कुंज, कोलार रोड, नेहरू नगर, प्रियदर्शिनी, रोहित नगर, रचना नगर, बावड़िया, साकेत नगर, भेल, कोटरा, लालघाटी, शक्तिनगर, शाहपुरा, गुलमोहर सहित कई क्षेत्रों की रहवासी समितियां जुड़ गई हैं।
समिति ने कहा कि अभियान को आने वाले दिनों में भोपाल के दूसरे आवासीय क्षेत्रों तक भी पहुंचाया जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
रहवासियों ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद नगर निगम की ओर से अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका सवाल है कि जब निगम पहले ही सर्वे करा चुका है और हजारों अवैध निर्माण सामने आने की जानकारी न्यायालय को दी जा चुकी है, तो दोबारा सर्वे के नाम पर कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है। समिति ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में देरी से रसूखदार लोगों और भूमाफियाओं को फायदा मिल रहा है। हालांकि ये आरोप रहवासी समिति की ओर से लगाए गए हैं।
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मास्टर प्लान का हवाला देकर कार्रवाई रोकने का आरोप
रहवासियों का कहना है कि अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई के दौरान मास्टर प्लान का हवाला दिया जा रहा है। उनका दावा है कि वर्ष 2005 के मास्टर प्लान में अरेरा कॉलोनी के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान निर्धारित हैं।
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समिति ने सुझाव दिया कि जिन व्यापारिक गतिविधियों को हटाया जाना है, उन्हें मेट्रो प्लाजा, मानसरोवर कॉम्प्लेक्स, मेट्रो वॉक और अन्य उपलब्ध व्यावसायिक परिसरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसके अलावा टीटी नगर में स्मार्ट सिटी के लिए खाली पड़ी जमीन पर व्यवस्थित बाजार विकसित करने का भी सुझाव दिया गया।
अवैध निर्माण पर तत्काल रोक की मांग
संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने प्रशासन और नगर निगम से आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और गलत भू-उपयोग के खिलाफ बिना भेदभाव कार्रवाई करने की मांग की। समिति ने यह भी कहा कि आवासीय भूखंडों पर वर्तमान में निर्माणाधीन भवनों की जांच कर कार्रवाई होने तक उनके निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
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कार्रवाई नहीं हुई तो अवमानना याचिका की चेतावनी
रहवासियों ने चेतावनी दी कि यदि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो वे न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करने के लिए मजबूर होंगे। समिति का कहना है कि टॉर्च मार्च केवल विरोध नहीं, बल्कि आवासीय क्षेत्रों को बचाने के लिए नागरिकों के अभियान की शुरुआत है।अरेरा कॉलोनी से शुरू हुई इस मुहिम में अब गौतम नगर, विकास कुंज, कोलार रोड, नेहरू नगर, प्रियदर्शिनी, रोहित नगर, रचना नगर, बावड़िया, साकेत नगर, भेल, कोटरा, लालघाटी, शक्तिनगर, शाहपुरा, गुलमोहर सहित कई क्षेत्रों की रहवासी समितियां जुड़ गई हैं।
समिति ने कहा कि अभियान को आने वाले दिनों में भोपाल के दूसरे आवासीय क्षेत्रों तक भी पहुंचाया जाएगा।
