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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Major action against a madrasa in Morena: Only 35 children found present out of 445 on record.

Morena: रिकॉर्ड में 445 बच्चे, मौके पर मिले सिर्फ 35; मुरैना का आयशा इस्लामिया मदरसा सील; अब आगे क्या?

Thu, 13 Aug 2026 03:59 PM IST
मुरैना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरैना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरैना Published by: मुरैना ब्यूरो Updated Thu, 13 Aug 2026 03:59 PM IST
सार

मुरैना के खड़ियाहार गांव स्थित आयशा इस्लामिया मदरसे में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जांच में रिकॉर्ड में 445 बच्चों के मुकाबले मौके पर केवल 35 बच्चे मिले। अनियमितताओं के चलते मदरसा सील कर दिया गया। मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू होगी और वास्तविक छात्रों का सरकारी स्कूलों में प्रवेश कराया जाएगा।

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Major action against a madrasa in Morena: Only 35 children found present out of 445 on record.
मुरैना में मदरसा पर बड़ा एक्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरैना जिले के खड़ियाहार गांव में संचालित आयशा इस्लामिया मदरसे को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा के निरीक्षण के बाद सील कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान मदरसे की शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की दर्ज संख्या को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। सबसे बड़ा अंतर दस्तावेजों में दर्ज बच्चों की संख्या और मौके पर मौजूद बच्चों की संख्या में सामने आया।

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आयोग के निरीक्षण के दौरान सामने आया कि मदरसा महज दो कमरों में संचालित हो रहा था। रिकॉर्ड में मदरसे में 445 बच्चों के नाम दर्ज बताए गए, जबकि जांच के समय मौके पर सिर्फ 35 बच्चे ही मौजूद मिले। यानी दर्ज संख्या और वास्तविक उपस्थिति में बड़ा अंतर सामने आया है।
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मामला सामने आने के बाद बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इसे गंभीरता से लिया और मदरसे को सील करने की कार्रवाई की गई। आयोग की ओर से अब मदरसे की व्यवस्थाओं और रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाली अनियमितताओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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आयोग की जांच के बाद मदरसे की मान्यता निरस्त करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी को मान्यता रद्द करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। हालांकि, अंतिम कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित विभाग की प्रक्रिया के आधार पर होगी।


मदरसा सील होने के बाद सबसे बड़ी चिंता वहां पढ़ने वाले वास्तविक छात्र-छात्राओं की पढ़ाई को लेकर है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि जिन बच्चों का वास्तव में मदरसे में अध्ययन करना सामने आया है, उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। ऐसे बच्चों का नजदीकी सरकारी स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी को बच्चों के दाखिले की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मदरसा बंद होने के बाद उनकी शिक्षा बाधित न हो।

अब आयोग की विस्तृत जांच पर नजर है। जांच में मदरसे के रिकॉर्ड, दर्ज बच्चों की संख्या, वास्तविक उपस्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी अन्य जानकारियों की पड़ताल की जाएगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रिकॉर्ड और मौके पर मिली संख्या में इतना बड़ा अंतर क्यों था और मदरसे के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी।

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