'सपने में भी अपमान नहीं कर सकता',: कुशवाहा समाज पर बयान देकर घिरे तोमर ने दी सफाई, कहा- शब्द वापस लेता हूं
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाहा समाज पर दिए बयान पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि उनका अपमान करने का कोई इरादा नहीं था और यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे अपने शब्द वापस लेते हैं।
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मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कुशवाहा समाज को लेकर दिए गए अपने बयान पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि वह सपने में भी इस समाज का अपमान करने की कल्पना नहीं कर सकते।
क्या कहा था विस अध्यक्ष ने?
दरअसल, 31 जुलाई को भाजपा के मुरैना जिला अध्यक्ष कमलेश कुशवाहा के निवास पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तोमर ने कहा था कि कुशवाहा समाज समय-समय पर गुलाटी खाता रहा और अपनी विश्वसनीयता को खंडित किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब कुशवाहा समाज को भाजपा का समर्थक माना जाता था, तब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसी पार्टियों का भी अस्तित्व नहीं था।
तोमर ने कार्यक्रम में कहा था कि भाजपा हमेशा कुशवाहा समाज के प्रति समर्पित और सहिष्णु रही है। यह अलग बात है कि बीच-बीच में कुशवाहा समाज थोड़ा इधर-उधर, गुलाटी खाता रहा और उसके कारण आपने अपनी विश्वसनीयता को खंडित किया। लोकतंत्र में प्रतिष्ठा और सम्मान उसी का रहता है जो एक पक्ष के प्रति प्रतिबद्ध रहता है। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कुशवाहा समाज के कई प्रतिनिधियों ने कड़ी आपत्ति जताई। वहीं, कांग्रेस ने इसे पिछड़ा वर्ग विरोधी बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष के बयान की आलोचना की।
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विवाद बढ़ने पर क्या हुआ?
विवाद बढ़ने पर नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कुशवाहा समाज के नाम एक पत्र जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि कमलेश कुशवाहा के घर आयोजित कार्यक्रम पारिवारिक माहौल का था और उसी संदर्भ में चर्चा हो रही थी। तोमर ने पत्र में कहा कि कुशवाहा समाज और मेरा संबंध हमेशा परस्पर सम्मान का रहा है। मैंने जीवनभर इस समाज का सम्मान किया है और आगे भी करता रहूंगा। मैं सपने में भी इस समाज का अपमान करने की नहीं सोच सकता। उन्होंने कहा कि यदि मेरे शब्दों से समाज के किसी भी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं और हुई असुविधा एवं ठेस के लिए खेद व्यक्त करता हूं।
गौरतलब है कि मुरैना में आयोजित उसी कार्यक्रम के दौरान तोमर ने कहा था कि भाजपा ने कालीचरण कुशवाहा को उस समय टिकट दिया था, जब कोई अन्य दल इस समाज के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने की कल्पना भी नहीं कर सकता था। उन्होंने यह भी कहा था कि संगठन के पदाधिकारी समय-समय पर बदलते रहते हैं, लेकिन वे हमेशा भाजपा के कार्यकर्ता बने रहते हैं।
पटवारी ने भी घेरा था
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा करते हुए कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की टिप्पणी शोभा नहीं देती। उन्होंने इसे पिछड़ा वर्ग विरोधी करार देते हुए नरेंद्र सिंह तोमर से सार्वजनिक माफी की मांग की।
