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ओंकारेश्वर: मुरारी बापू की रामकथा में खुली व्यवस्थाओं की पोल, तेज धूप में इंतजार करते दिखे संत और बुजुर्ग
Thu, 15 Oct 2026 02:37 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 15 Oct 2026 02:37 PM IST
सार
मुरारी बापू की रामकथा के शुभारंभ के बीच प्रवेश व्यवस्था को लेकर सामने आए वीडियो में संत और बुजुर्ग श्रद्धालु तेज धूप में इंतजार करते दिखे। कुछ लोग छतरियों से उन्हें छांव देने की कोशिश कर रहे हैं। अब आयोजन समिति और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर नजर है।
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धूप में इंतजार करते संतजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में हो रही प्रसिद्ध कथाकार मुरारी बापू की रामकथा का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हुआ लेकिन कथा स्थल पर प्रवेश व्यवस्था को लेकर कुछ ऐसे दृश्य सामने आए, जिन्होंने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।
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कथा स्थल के बाहर संतों और श्रद्धालुओं को काफी देर तक प्रवेश के लिए इंतजार करना पड़ा। सामने आए वीडियो में कुछ संत जमीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ संत तेज धूप में खड़े होकर अंदर जाने की प्रतीक्षा करते नजर आए। गर्मी से बचाने के लिए कुछ श्रद्धालुओं ने स्वयं छतरियां लगाकर संतों को छांव देने का प्रयास किया।
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सबसे संवेदनशील दृश्य यह रहा कि उम्रदराज संतों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को भी कुछ समय तक प्रवेश के लिए इंतजार करना पड़ा। धार्मिक आयोजन में जहां संतों और बुजुर्गों के लिए विशेष सम्मान एवं सुविधा की अपेक्षा की जाती है, वहीं उन्हें इस तरह धूप में खड़ा रहना पड़े तो स्वाभाविक रूप से व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। यह आयोजन देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और संतों के लिए आस्था का महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में प्रवेश व्यवस्था, बैठने की सुविधा, छांव, पेयजल और बुजुर्गों के लिए अलग व्यवस्था पहले से सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
ऐसे दृश्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा जरूर छेड़ दी है। अब देखना होगा कि आयोजन समिति और प्रशासन इस स्थिति को किस तरह देखते हैं और आगे संतों एवं बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए क्या बेहतर व्यवस्थाएं की जाती हैं।
