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MP: पन्ना जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल व प्रसूता वार्ड में घुसा पानी; मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल
Tue, 07 Jul 2026 01:17 PM IST
पन्ना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
Published by: पन्ना ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 01:17 PM IST
सार
पन्ना जिला अस्पताल में पहली ही तेज बारिश ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल वार्ड और प्रसूता वार्ड में पानी भरने से मरीजों और परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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पन्ना जिला चिकित्सालय में घुसा पानी।
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विस्तार
पन्ना जिले में हुई पहली ही तेज बारिश ने जिला चिकित्सालय की तैयारियों और रखरखाव व्यवस्था की पूरी तस्वीर सामने ला दी। करोड़ों रुपये के मेंटेनेंस बजट के दावों के बावजूद अस्पताल की हालत ऐसी दिखी कि ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल वार्ड और प्रसूता वार्ड तक बारिश का पानी पहुंच गया। इलाज के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिस अस्पताल पर लोगों की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी है, वहीं बारिश का पानी वार्डों में भर जाने से मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहले ही बारिश में पानी पानी हुआ अस्पताल
बारिश शुरू होते ही अस्पताल की कई छतों से पानी टपकने लगा और देखते ही देखते ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल वार्ड तथा प्रसूता वार्ड में पानी भर गया। वार्डों के फर्श पर पानी जमा होने से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। कई परिजन अपने मरीजों का सामान बचाते नजर आए, जबकि अस्पताल स्टाफ पानी निकालने और व्यवस्थाएं संभालने में जुटा रहा। सबसे अधिक चिंता संक्रमण के खतरे को लेकर जताई जा रही है, क्योंकि जिन वार्डों में गंभीर मरीज और प्रसूताएं भर्ती रहती हैं, वहीं पानी भरने से उपचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
स्थानीय लोगों मरीज ने प्रबंधन पर उठाए सवाल
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि हर वर्ष अस्पताल के रखरखाव पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन पहली ही बारिश ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी। उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाती, तो मरीजों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। लोगों ने अस्पताल भवन की गुणवत्ता और मेंटेनेंस कार्यों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
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ये भी पढ़ें- इंदौर का चर्चित हत्याकांड: पत्नी की हत्या, फिर रचा 'कोबरा कांड'; साढ़े छह साल बाद आरोपी बैंककर्मी को उम्रकैद
सिविल सर्जन ने कहा पुरानी है बिल्डिंग
उधर, जिला चिकित्सालय प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल की इमारत काफी पुरानी है, जिसके कारण लगातार बारिश में यह स्थिति उत्पन्न हुई। सिविल सर्जन ने भरोसा दिलाया कि पानी निकासी और आवश्यक मरम्मत के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं ताकि मरीजों को आगे किसी प्रकार की असुविधा न हो। हालांकि सवाल यह है कि यदि भवन पुराना था, तो बारिश से पहले आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए। फिलहाल पहली ही बारिश ने जिला अस्पताल की तैयारियों और रखरखाव व्यवस्था की पोल खोल दी है।
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पहले ही बारिश में पानी पानी हुआ अस्पताल
बारिश शुरू होते ही अस्पताल की कई छतों से पानी टपकने लगा और देखते ही देखते ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल वार्ड तथा प्रसूता वार्ड में पानी भर गया। वार्डों के फर्श पर पानी जमा होने से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। कई परिजन अपने मरीजों का सामान बचाते नजर आए, जबकि अस्पताल स्टाफ पानी निकालने और व्यवस्थाएं संभालने में जुटा रहा। सबसे अधिक चिंता संक्रमण के खतरे को लेकर जताई जा रही है, क्योंकि जिन वार्डों में गंभीर मरीज और प्रसूताएं भर्ती रहती हैं, वहीं पानी भरने से उपचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
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स्थानीय लोगों मरीज ने प्रबंधन पर उठाए सवाल
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि हर वर्ष अस्पताल के रखरखाव पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन पहली ही बारिश ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी। उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाती, तो मरीजों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। लोगों ने अस्पताल भवन की गुणवत्ता और मेंटेनेंस कार्यों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
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सिविल सर्जन ने कहा पुरानी है बिल्डिंग
उधर, जिला चिकित्सालय प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल की इमारत काफी पुरानी है, जिसके कारण लगातार बारिश में यह स्थिति उत्पन्न हुई। सिविल सर्जन ने भरोसा दिलाया कि पानी निकासी और आवश्यक मरम्मत के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं ताकि मरीजों को आगे किसी प्रकार की असुविधा न हो। हालांकि सवाल यह है कि यदि भवन पुराना था, तो बारिश से पहले आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए। फिलहाल पहली ही बारिश ने जिला अस्पताल की तैयारियों और रखरखाव व्यवस्था की पोल खोल दी है।

पन्ना जिला चिकित्सालय में पहले ही बारिश में वार्डों में घुसा पानी।

पन्ना जिला चिकित्सालय में पहले ही बारिश में वार्डों में घुसा पानी मरीज हुए परेशान
