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Rajgarh News: कर्तव्य पथ पर कुर्बान हुए प्रधान आरक्षक के परिवार को मिला 1.23 करोड़ का संबल, बेटे को नौकरी
Thu, 13 Aug 2026 09:25 AM IST
राजगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
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Published by: राजगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 09:25 AM IST
सार
राजगढ़ में ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में शहीद प्रधान आरक्षक सर्जन भील के परिवार को पुलिस विभाग ने 1.23 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी। एसपी अमित तोलानी ने पत्नी और पिता को चेक सौंपा। शहीद के बेटे शरद को बाल आरक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति भी दी गई।
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प्रधान आरक्षक के परिवार को मिली 1.23 करोड़ की राशि
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजगढ़ जिले में वर्दी का कर्ज चुकाने के लिए जिसने आखिरी सांस तक ड्यूटी की, विभाग ने उसके परिवार को अब सहारा दिया है। ब्यावरा सिटी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक सर्जन भील 6 नवंबर 2025 को ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में मृत हो गए थे। मंगलवार को राजगढ़ पुलिस ने उनके आश्रितों को 1.23 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता सौंपी और उनके बेटे को नौकरी भी दी।
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एसपी अमित तोलानी ने खुद पहुंचकर दिवंगत के पिता रामदयाल भील और पत्नी वर्षा भील को SBI फूलखेड़ी शाखा का चेक प्रदान किया। साथ ही शहीद के बेटे शरद भील को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति का आदेश भी दिया गया। प्रधान आरक्षक क्रमांक 580 सर्जन भील ब्यावरा सिटी थाने में तैनात थे। 6 नवंबर 2025 की रात गश्त के दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी थी। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद विभाग ने तुरंत प्रक्रियाएं शुरू की थीं। पुलिस सैलरी पैकेज, बीमा और अन्य शासकीय योजनाओं के तहत राशि संकलित कर परिवार को एकमुश्त सौंपी गई। चेक सौंपने के बाद एसपी अमित तोलानी ने शरद भील से बातचीत की। उन्होंने शरद को बाल आरक्षक की नियुक्ति पत्र देकर कहा, तुम्हारे पिता ने जो वर्दी की आन-बान के लिए कुर्बानी दी, अब तुम्हारी बारी है उसे आगे बढ़ाने की।
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एसपी ने शरद के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि विभाग हर कदम पर परिवार के साथ खड़ा रहेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों में भी मदद की जाएगी। इस मौके पर एसपी तोलानी ने जिले के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान शहीद या दिवंगत हुए पुलिसकर्मियों के प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निपटाया जाए। उन्होंने कहा, जिस परिवार ने अपना सदस्य खोया है, उसे सरकारी योजनाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। फाइलें समय पर आगे बढ़ें और आश्रितों को तुरंत लाभ मिले। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजगढ़ पुलिस के अनुसार यह 1.23 करोड़ की राशि पुलिस सैलरी पैकेज के तहत मिली है। इसमें बीमा, ग्रेच्युटी और अन्य देयकों को मिलाकर मदद की गई है। विभाग का कहना है कि ऐसे पैकेज का उद्देश्य शहीद के परिवार को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि भविष्य की चिंता कम हो। राशि और नियुक्ति मिलने के बाद रामदयाल भील ने कहा कि बेटे के जाने का गम तो कभी पूरा नहीं होगा, लेकिन विभाग और शासन ने जो सहयोग किया है उससे परिवार को जीने की हिम्मत मिली है। पत्नी वर्षा भील ने भी विभाग का आभार जताया।
राजगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी पर जान गंवाने वाले जवानों के परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम हो रहा है। अनुकंपा नियुक्ति, आर्थिक सहायता, बच्चों की पढ़ाई और मेडिकल सहायता जैसे बिंदुओं पर विशेष फोकस है। एसपी ने कहा कि वर्दी पहनने वाला हर जवान विभाग की जिम्मेदारी है। जब तक वर्दी है, तब तक परिवार की सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है।
