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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Medical college seats increased but faculty did not demand raised to increase faculty by 41 percent

MP: रतलाम मेडिकल कॉलेज में बढ़ीं MBBS की 200 सीटें, लेकिन 41 फैकल्टी कम; पढ़ाई से मरीजों की सेवाओं तक चिंता

Wed, 12 Aug 2026 08:45 PM IST
रतलाम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम Published by: रतलाम ब्यूरो Updated Wed, 12 Aug 2026 08:45 PM IST
सार

रतलाम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 180 से बढ़ाकर 200 कर दी गई हैं, लेकिन 41 फैकल्टी की कमी है। एमटीए ने डीन को ज्ञापन देकर नए सत्र से पहले फैकल्टी पद स्वीकृत करने और नियुक्तियां करने की मांग की है।

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Medical college seats increased but faculty did not demand raised to increase faculty by 41 percent
रतलाम मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रतलाम के डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस की सीटें 180 से बढ़ाकर 200 कर दी गई हैं, लेकिन इसके अनुरूप फैकल्टी की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। कॉलेज में वर्तमान में 101 फैकल्टी कार्यरत हैं, जबकि 200 एमबीबीएस सीटों के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुसार 142 फैकल्टी की आवश्यकता है। इस तरह कॉलेज में 41 फैकल्टी की कमी है, जो करीब 28 प्रतिशत है।

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इस संबंध में मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए) ने मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनिता मुथा को ज्ञापन सौंपकर नए शैक्षणिक सत्र से पहले बढ़ी हुई एमबीबीएस सीटों के अनुरूप फैकल्टी के पद स्वीकृत करने और नियुक्तियां करने की मांग की है। नया शैक्षणिक सत्र जल्द शुरू होने वाला है। एसोसिएशन का कहना है कि समय रहते फैकल्टी की संख्या बढ़ाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रशिक्षण को बेहतर बनाया जा सकेगा।

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ज्ञापन में बताया गया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज में 200 एमबीबीएस सीटों की अनुमति दी है। हालांकि, इसके अनुरूप स्वीकृत फैकल्टी पद उपलब्ध नहीं होने से कॉलेज में शिक्षकों की गंभीर कमी बनी हुई है। 200 एमबीबीएस सीटों के लिए 142 फैकल्टी की आवश्यकता के मुकाबले वर्तमान में केवल 101 फैकल्टी कार्यरत हैं।

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एसोसिएशन के अनुसार फैकल्टी की कमी का असर सीबीएमई आधारित छोटे समूहों में शिक्षण, प्रायोगिक और क्लिनिकल प्रशिक्षण पर पड़ रहा है। इसके अलावा ओपीडी और आईपीडी में बढ़ते मरीजों के भार के बीच चिकित्सा सेवाओं पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने कॉलेज की कमियों को दूर कर कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 90 दिन की समय-सीमा निर्धारित की है। एमटीए ने शासन से 200 एमबीबीएस सीटों के अनुरूप सभी आवश्यक नए फैकल्टी पद तत्काल स्वीकृत करने की मांग की है। साथ ही रिक्त प्रोफेसर पदों वाले विभागों में समयबद्ध पदस्थापना और पदोन्नति की मांग की गई है, ताकि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों तथा कॉलेज की 200 एमबीबीएस सीटों की मान्यता सुरक्षित रह सके।

ज्ञापन सौंपने के दौरान मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. संजीब दास, डॉ. मनोज पालीवाल, डॉ. अनिल डावर, डॉ. दर्शना जैन, डॉ. पीयूषा महाशब्दे, डॉ. मनीष अग्रवाल, डॉ. अभिषेक पायक, डॉ. गौरव सक्सेना, डॉ. सोहन मंडलोई, डॉ. भरत परमार, डॉ. अवधेश भाटी, डॉ. उत्सव शर्मा, डॉ. मोहित कुल्मी, डॉ. आनंद पाटीदार, डॉ. रमेश थन्ना, डॉ. समीर, डॉ. दीपक, डॉ. अभिषेक नाकु, डॉ. पुनीत और सचिव डॉ. ध्रुवेंद्र पांडे सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

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