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Ratlam News: रतलाम में रात को हुई तूफानी बारिश, खेतों में भरा पानी, गेहूं, चना व मटर की बोवनी प्रभावित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
Published by: रतलाम ब्यूरो
Updated Tue, 28 Oct 2025 04:18 PM IST
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सार
रतलाम जिले में दो दिन से जारी बारिश से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। 24 घंटे में 2.77 इंच वर्षा दर्ज की गई। गेहूं, चना और मटर की फसलें प्रभावित हुईं तथा आलोट मंडी में खुले में रखी उपज भी भीग गई। कई किसानों को गेहूं की दोबारा बोवनी करनी पड़ेगी।
बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया।
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विस्तार
अतिवृष्टि से सोयाबीन की फसल चौपट होने के बाद किसान अभी उबर भी नहीं पाए थे कि जिले में दो दिन से जारी बारिश ने उनकी चिंता फिर बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में रतलाम जिले में करीब 2.77 इंच (पौने तीन इंच) बारिश दर्ज की गई। रतलाम शहर सहित ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश से खेतों में पानी भर गया है। इससे गेहूं, चना और मटर की फसलों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, गेहूं और चना बोने की तैयारी में जुटे किसानों को अब खेत सूखने का इंतजार करना पड़ेगा।
26 अक्टूबर की रात से मौसम ने करवट ली थी। पहले हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि 27 अक्टूबर को सुबह से शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। शाम चार बजे से रात नौ बजे तक रतलाम शहर और आसपास के गांवों में तेज बारिश हुई। रात दो से चार बजे के बीच तूफानी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में पिपलोदा तहसील में सर्वाधिक 3.54 इंच, सैलाना में 3.22 इंच, रतलाम में 3.07 इंच, आलोट में 2.83 इंच, बाजना में 2.51 इंच, ताल में 1.96 इंच और रावटी में 1.53 इंच वर्षा दर्ज की गई। विभाग ने 28 अक्टूबर को रतलाम सहित आसपास के जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। हालांकि मंगलवार सुबह मौसम साफ रहा। बारिश से तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
ये भी पढ़ें- अपने ही बने जान के दुश्मन, मंडला में बेटे ने मां पर किया कुल्हाड़ी से हमला, हालत गंभीर
खुले में रखी फसल भीगी, व्यापारियों को नुकसान
आलोट कृषि उपज मंडी में खुले में रखी सोयाबीन और गेहूं की फसल बारिश से भीग गई, जिससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान हुआ। सोमवार को तेज बारिश के कारण दोपहर बाद नीलामी रोकनी पड़ी, जो शाम को मौसम खुलने पर फिर शुरू हुई। किसानों का कहना है कि इस बारिश से मटर फली की पैदावार प्रभावित होगी, क्योंकि कई किसानों ने 15 दिन पहले ही मटर और चने की बोवनी कर दी थी।
गेहूं की दोबारा करनी पड़ेगी बोवनी
ग्राम पिपलौदी (बिरमावल) के किसान प्रवीण पाटीदार ने बताया कि दो दिन की लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। जिन किसानों ने मटर की बोवनी की है, उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा। करीब 40 प्रतिशत किसानों ने 4–5 दिन पहले गेहूं बोया था, लेकिन अब 75 प्रतिशत बोवनी खराब हो गई है। किसानों को दोबारा बोवनी करनी पड़ेगी, जो मौसम साफ होने के बाद 10–15 दिन देरी से संभव होगी। मौसम विभाग ने अगले 3–4 दिन और बारिश की संभावना जताई है।
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26 अक्टूबर की रात से मौसम ने करवट ली थी। पहले हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि 27 अक्टूबर को सुबह से शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। शाम चार बजे से रात नौ बजे तक रतलाम शहर और आसपास के गांवों में तेज बारिश हुई। रात दो से चार बजे के बीच तूफानी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया।
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मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में पिपलोदा तहसील में सर्वाधिक 3.54 इंच, सैलाना में 3.22 इंच, रतलाम में 3.07 इंच, आलोट में 2.83 इंच, बाजना में 2.51 इंच, ताल में 1.96 इंच और रावटी में 1.53 इंच वर्षा दर्ज की गई। विभाग ने 28 अक्टूबर को रतलाम सहित आसपास के जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। हालांकि मंगलवार सुबह मौसम साफ रहा। बारिश से तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
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खुले में रखी फसल भीगी, व्यापारियों को नुकसान
आलोट कृषि उपज मंडी में खुले में रखी सोयाबीन और गेहूं की फसल बारिश से भीग गई, जिससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान हुआ। सोमवार को तेज बारिश के कारण दोपहर बाद नीलामी रोकनी पड़ी, जो शाम को मौसम खुलने पर फिर शुरू हुई। किसानों का कहना है कि इस बारिश से मटर फली की पैदावार प्रभावित होगी, क्योंकि कई किसानों ने 15 दिन पहले ही मटर और चने की बोवनी कर दी थी।
गेहूं की दोबारा करनी पड़ेगी बोवनी
ग्राम पिपलौदी (बिरमावल) के किसान प्रवीण पाटीदार ने बताया कि दो दिन की लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। जिन किसानों ने मटर की बोवनी की है, उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा। करीब 40 प्रतिशत किसानों ने 4–5 दिन पहले गेहूं बोया था, लेकिन अब 75 प्रतिशत बोवनी खराब हो गई है। किसानों को दोबारा बोवनी करनी पड़ेगी, जो मौसम साफ होने के बाद 10–15 दिन देरी से संभव होगी। मौसम विभाग ने अगले 3–4 दिन और बारिश की संभावना जताई है।

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