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Sagar News: बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, करंट की चपेट में आने से युवा किसान की मौत; ग्रामीणों में आक्रोश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:37 AM IST
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सार
सागर जिले के गढ़ाकोटा तहसील के चनौआ बुजुर्ग गांव में असुरक्षित ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से युवा किसान शिवम कुर्मी पटेल की मौत हो गई। बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद गांव में आक्रोश है और बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लगे हैं।
मौके पर मौजूद ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गढ़ाकोटा तहसील के ग्राम चनौआ बुजुर्ग में बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। यहां एक असुरक्षित ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से युवा किसान शिवम कुर्मी पटेल की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम और बिजली विभाग के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है।
बार-बार की शिकायतों को किया अनसुना
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लगा यह ट्रांसफार्मर लंबे समय से 'मौत का जाल' बना हुआ था। इसमें अक्सर करंट उतरने की खबरें आती थीं। परिजनों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से इसकी शिकायत दी गई थी और ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
परिवार का इकलौता सहारा था शिवम
मृतक शिवम पटेल अपने परिवार का इकलौता सहारा था। खेती-किसानी के जरिए वह अपने बुजुर्ग माता-पिता और पूरे परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। उसकी मौत से परिवार के सामने न केवल भावनात्मक बल्कि गहरा आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने शिवम को एक मेहनती और मिलनसार युवक बताया।
ये भी पढ़ें- सोशल मीडिया से हटाएं हाईकोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग के विवादित लिंक, 48 घंटों दिया समय
परिजनों ने की 'गैर-इरादतन हत्या' का केस दर्ज करने की मांग
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक के परिजन गौतम कुर्मी ने बताया कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है, क्योंकि विभाग को खतरे की जानकारी पहले से थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में अधिकारियों और लाइनमैन पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हो। पीड़ित परिवार को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए तथा गांव में अन्य खतरनाक बिजली लाइनों और झूलते तारों को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
प्रशासन की चुप्पी और आंदोलन की चेतावनी
फिलहाल इस मामले में बिजली विभाग के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई और मुआवजे की घोषणा नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
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बार-बार की शिकायतों को किया अनसुना
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लगा यह ट्रांसफार्मर लंबे समय से 'मौत का जाल' बना हुआ था। इसमें अक्सर करंट उतरने की खबरें आती थीं। परिजनों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से इसकी शिकायत दी गई थी और ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
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परिवार का इकलौता सहारा था शिवम
मृतक शिवम पटेल अपने परिवार का इकलौता सहारा था। खेती-किसानी के जरिए वह अपने बुजुर्ग माता-पिता और पूरे परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। उसकी मौत से परिवार के सामने न केवल भावनात्मक बल्कि गहरा आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने शिवम को एक मेहनती और मिलनसार युवक बताया।
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परिजनों ने की 'गैर-इरादतन हत्या' का केस दर्ज करने की मांग
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक के परिजन गौतम कुर्मी ने बताया कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है, क्योंकि विभाग को खतरे की जानकारी पहले से थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में अधिकारियों और लाइनमैन पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हो। पीड़ित परिवार को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए तथा गांव में अन्य खतरनाक बिजली लाइनों और झूलते तारों को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
प्रशासन की चुप्पी और आंदोलन की चेतावनी
फिलहाल इस मामले में बिजली विभाग के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई और मुआवजे की घोषणा नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
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