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नवाबी संपत्ति मामला: ईओडब्ल्यू ने सैफ अली खान से मांगे मूल दस्तावेज, जानिए क्यों हो रही ये कार्रवाई
Fri, 14 Aug 2026 02:07 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 14 Aug 2026 02:07 PM IST
सार
Saif Ali Khan Bhopal property case : ईओडब्ल्यू ने भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान की पत्नी आफताब जहां बेगम की संपत्तियों की बिक्री की जांच तेज कर दी है। जांच में सैफ अली खान समेत नवाब परिवार शामिल है। करीब 1,370 एकड़ भूमि के मूल दस्तावेज मांगे गए हैं। शत्रु संपत्ति और जमीन सौदों की भी जांच जारी है।
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EOW ने सैफ अळी खान से मांगा जवाब
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान की पत्नी आफताब जहां बेगम की बेची गई संपत्तियों की जांच तेज कर दी है। इस जांच के दायरे में अभिनेता सैफ अली खान और उनका परिवार भी शामिल है। ईओडब्ल्यू ने करीब 1,370 एकड़ भूमि के संबंध में सैफ अली खान से मूल दस्तावेज मांगे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय और ईओडब्ल्यू महानिदेशक को मिली शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है।
ईओडब्ल्यू भोपाल ने समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया था। अमिताभ अग्निहोत्री ने अपने अधिवक्ता प्रशांत पांडे के साथ लिखित साक्ष्य और दस्तावेज सौंपे हैं। भोपाल के कोहेफिजा, नयापुरा और हलालपुर क्षेत्रों की नवाबी संपत्तियों पर कानूनी विवाद है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यालय से जांच की मांग की गई थी।
इसके बाद पूरा नवाब परिवार जांच के दायरे में आया है। इसमें सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा अली खान और शर्मिला टैगोर के नाम हैं। शिकायती आवेदन में कहा गया है कि सैफ अली खान ने उच्च न्यायालय में 1,370 एकड़ जमीन को नवाब की व्यक्तिगत संपत्ति बताया था। जांच समिति से इन जमीनों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। नवाब हमीदुल्लाह खान की बड़ी बेटी के पाकिस्तान जाने से उनकी संपत्ति शत्रु संपत्ति घोषित हुई थी।
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शत्रु संपत्ति और भूमि सौदे
आफताब जहां बेगम के नाम वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों में बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तानी नागरिक होने का तथ्य छिपाकर करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि का सौदा किया। यह सौदा शत्रु संपत्ति अधिनियम के बावजूद हुआ। आफताब जहां बेगम ने 31 मई, 1994 को बेहटा की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपये में बेची। इसमें 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए और शेष 29 लाख रुपये चार किस्तों में देने का अनुबंध हुआ था।
मूल दस्तावेज और रिकॉर्ड की पड़ताल
शिकायत में कस्टोडियन विभाग मुंबई और भोपाल कलेक्टर के निर्देशों पर हुई कार्रवाई की जांच मांगी गई है। वर्ष 2021 और 2022 में नवाब की संपत्तियों को 'शत्रु संपत्ति' दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। पिछले चार वर्षों में हुई कार्रवाई की पड़ताल की मांग है। पटौदी परिवार से 29 अप्रैल, 1949 को बीपी मेनन द्वारा हस्ताक्षरित नक्शे मांगे गए हैं। 30 अप्रैल, 1949 के मर्जर एग्रीमेंट और 1 जून, 1949 से पूर्व बनी संपत्ति सूची की मूल प्रतियां भी मांगी गई हैं।
अतिरिक्त भूमि और जांच की मांग
पूर्व भोपाल रियासत के 2,556 गांवों में फैली नवाब परिवार की जमीनों की विस्तृत जांच की मांग भी उठाई गई है। पूर्व प्रमुख सचिव की रिपोर्ट के अनुसार मर्जर एग्रीमेंट में 1,395 एकड़ भूमि दर्ज थी। जबकि नौ गांवों में 1,984.13 एकड़ अतिरिक्त भूमि नवाब परिवार के नाम दर्ज हो गई। इस अतिरिक्त भूमि की खरीद-बिक्री की जांच आवश्यक है।
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ईओडब्ल्यू भोपाल ने समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया था। अमिताभ अग्निहोत्री ने अपने अधिवक्ता प्रशांत पांडे के साथ लिखित साक्ष्य और दस्तावेज सौंपे हैं। भोपाल के कोहेफिजा, नयापुरा और हलालपुर क्षेत्रों की नवाबी संपत्तियों पर कानूनी विवाद है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यालय से जांच की मांग की गई थी।
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इसके बाद पूरा नवाब परिवार जांच के दायरे में आया है। इसमें सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा अली खान और शर्मिला टैगोर के नाम हैं। शिकायती आवेदन में कहा गया है कि सैफ अली खान ने उच्च न्यायालय में 1,370 एकड़ जमीन को नवाब की व्यक्तिगत संपत्ति बताया था। जांच समिति से इन जमीनों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। नवाब हमीदुल्लाह खान की बड़ी बेटी के पाकिस्तान जाने से उनकी संपत्ति शत्रु संपत्ति घोषित हुई थी।
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शत्रु संपत्ति और भूमि सौदे
आफताब जहां बेगम के नाम वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों में बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तानी नागरिक होने का तथ्य छिपाकर करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि का सौदा किया। यह सौदा शत्रु संपत्ति अधिनियम के बावजूद हुआ। आफताब जहां बेगम ने 31 मई, 1994 को बेहटा की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपये में बेची। इसमें 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए और शेष 29 लाख रुपये चार किस्तों में देने का अनुबंध हुआ था।
मूल दस्तावेज और रिकॉर्ड की पड़ताल
शिकायत में कस्टोडियन विभाग मुंबई और भोपाल कलेक्टर के निर्देशों पर हुई कार्रवाई की जांच मांगी गई है। वर्ष 2021 और 2022 में नवाब की संपत्तियों को 'शत्रु संपत्ति' दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। पिछले चार वर्षों में हुई कार्रवाई की पड़ताल की मांग है। पटौदी परिवार से 29 अप्रैल, 1949 को बीपी मेनन द्वारा हस्ताक्षरित नक्शे मांगे गए हैं। 30 अप्रैल, 1949 के मर्जर एग्रीमेंट और 1 जून, 1949 से पूर्व बनी संपत्ति सूची की मूल प्रतियां भी मांगी गई हैं।
अतिरिक्त भूमि और जांच की मांग
पूर्व भोपाल रियासत के 2,556 गांवों में फैली नवाब परिवार की जमीनों की विस्तृत जांच की मांग भी उठाई गई है। पूर्व प्रमुख सचिव की रिपोर्ट के अनुसार मर्जर एग्रीमेंट में 1,395 एकड़ भूमि दर्ज थी। जबकि नौ गांवों में 1,984.13 एकड़ अतिरिक्त भूमि नवाब परिवार के नाम दर्ज हो गई। इस अतिरिक्त भूमि की खरीद-बिक्री की जांच आवश्यक है।
