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सतना आग हादसा: राइस मिल में जिंदा जला कर्मचारी, दूसरे की हालत गंभीर; परिजनों ने किया हाईवे जाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: सतना ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2026 08:14 AM IST
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सार
सतना के अमरपाटन बाईपास स्थित एक ऑयल मिल में भीषण आग लग गई। इस आग में एक कर्मचारी जिंदा जल गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। पढ़ें पूरी खबर
बाईपास स्थित राइस ब्रान ऑयल मिल में लगी भीषण आग।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सतना में सोमवार रात एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। सतना-अमरपाटन बाईपास स्थित सौरभ जैन की ‘विद्या श्री तेल एवं राइस मिल’ में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। हादसे में मिल का एक कर्मचारी जिंदा जल गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आक्रोश में सतना-अमरपाटन मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई।
रात 8 बजे अचानक भड़की आग
जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8 बजे राइस ब्रान ऑयल मिल के भीतर अचानक आग लग गई। मिल में धान की भूसी यानी कना से तेल निकालने का कार्य किया जाता है। आग लगते ही मिल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में धुएं का गुबार उठने लगा। आसपास के लोगों ने जब ऊंची-ऊंची लपटें देखीं तो तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
अंदर फंसे दो कर्मचारी, एक ने बचाई जान
घटना के समय मिल के भीतर मशीन ऑपरेटर दिलावर सिंह और कर्मचारी मुन्नू केवट मौजूद थे। आग लगने के बाद दोनों अंदर फंस गए। बताया जा रहा है कि मुन्नू केवट किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आया, लेकिन वह गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है वहीं 45 वर्षीय दिलावर सिंह पिता गोपाल सिंह आग के बीच बाहर नहीं निकल सके। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि वह अंदर ही जिंदा जल गए। बताया जा रहा है कि उनका शव पूरी तरह जल चुका है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
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शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह विद्युत शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। जिस यूनिट में आग लगी वहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसके कारण आग ने कुछ ही देर में भयावह रूप ले लिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिल परिसर में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। मौके पर फायर सेफ्टी उपकरण भी पर्याप्त मात्रा में नहीं पाए गए। यही वजह रही कि आग पर शुरुआती स्तर पर नियंत्रण नहीं किया जा सका।
आग बुझाने के लिए तोड़ी गई बाउंड्री
घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। लेकिन आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि दमकल कर्मियों को भीतर तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा स्थिति को देखते हुए जेसीबी मशीन बुलाकर राइस मिल की बाउंड्री तोड़ी गई, ताकि अंदर पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके। देर रात तक फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं।
मौत के बाद भड़का आक्रोश, हाईवे जाम
दिलावर सिंह की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने सतना-अमरपाटन हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे ग्रामीणों का आरोप था कि मिल प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण यह हादसा हुआ है। परिजन मृतक के लिए मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
ये भी पढ़ें- MP Weather Today: एमपी में आग उगल रहा मौसम, 46 डिग्री पार पहुंचा पारा, भोपाल-इंदौर समेत कई शहर लू की चपेट में
एसडीएम से झड़प, बिगड़े हालात
चक्का जाम के दौरान मौके पर पहुंचे सिटी एसडीएम राहुल सिलाडिया की गाड़ी निकालने को लेकर ग्रामीणों से विवाद हो गया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि मारपीट की नौबत आ गई थी। हालांकि मौके पर मौजूद सीएसपी, थाना प्रभारी और पुलिस बल ने समय रहते हालात संभाल लिए और किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में किया
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों और मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है फिलहाल प्रशासन आग लगने के कारणों, मिल में सुरक्षा इंतजामों और हादसे में संभावित लापरवाही की जांच कर रहा है।
रात 8 बजे अचानक भड़की आग
जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8 बजे राइस ब्रान ऑयल मिल के भीतर अचानक आग लग गई। मिल में धान की भूसी यानी कना से तेल निकालने का कार्य किया जाता है। आग लगते ही मिल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में धुएं का गुबार उठने लगा। आसपास के लोगों ने जब ऊंची-ऊंची लपटें देखीं तो तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
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अंदर फंसे दो कर्मचारी, एक ने बचाई जान
घटना के समय मिल के भीतर मशीन ऑपरेटर दिलावर सिंह और कर्मचारी मुन्नू केवट मौजूद थे। आग लगने के बाद दोनों अंदर फंस गए। बताया जा रहा है कि मुन्नू केवट किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आया, लेकिन वह गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है वहीं 45 वर्षीय दिलावर सिंह पिता गोपाल सिंह आग के बीच बाहर नहीं निकल सके। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि वह अंदर ही जिंदा जल गए। बताया जा रहा है कि उनका शव पूरी तरह जल चुका है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
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प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह विद्युत शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। जिस यूनिट में आग लगी वहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसके कारण आग ने कुछ ही देर में भयावह रूप ले लिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिल परिसर में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। मौके पर फायर सेफ्टी उपकरण भी पर्याप्त मात्रा में नहीं पाए गए। यही वजह रही कि आग पर शुरुआती स्तर पर नियंत्रण नहीं किया जा सका।
आग बुझाने के लिए तोड़ी गई बाउंड्री
घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। लेकिन आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि दमकल कर्मियों को भीतर तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा स्थिति को देखते हुए जेसीबी मशीन बुलाकर राइस मिल की बाउंड्री तोड़ी गई, ताकि अंदर पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके। देर रात तक फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं।
मौत के बाद भड़का आक्रोश, हाईवे जाम
दिलावर सिंह की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने सतना-अमरपाटन हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे ग्रामीणों का आरोप था कि मिल प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण यह हादसा हुआ है। परिजन मृतक के लिए मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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एसडीएम से झड़प, बिगड़े हालात
चक्का जाम के दौरान मौके पर पहुंचे सिटी एसडीएम राहुल सिलाडिया की गाड़ी निकालने को लेकर ग्रामीणों से विवाद हो गया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि मारपीट की नौबत आ गई थी। हालांकि मौके पर मौजूद सीएसपी, थाना प्रभारी और पुलिस बल ने समय रहते हालात संभाल लिए और किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में किया
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों और मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है फिलहाल प्रशासन आग लगने के कारणों, मिल में सुरक्षा इंतजामों और हादसे में संभावित लापरवाही की जांच कर रहा है।

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