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Satna News: आरोपी को ले जा रही पुलिस टीम पर हमला, वाहन में की तोड़फोड़; नामजद समेत चार पर केस दर्ज
Mon, 06 Jul 2026 02:25 PM IST
सतना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: सतना ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 02:25 PM IST
सार
सतना में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर ले जा रही पुलिस टीम पर बीच सड़क हमला कर आरोपी को छुड़ाने की कोशिश की गई। हमलावरों ने पुलिस वाहन में तोड़फोड़ और पथराव किया, जबकि घटना के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
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पुलिस से मारपीट
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विस्तार
सतना में पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मझगवां थाना पुलिस की टीम पर शहर के बीचोंबीच उस समय हमला कर दिया गया, जब वह एक फरार आरोपी को गिरफ्तार कर वापस ले जा रही थी।
आरोप है कि आरोपी के साथियों ने पुलिस के वाहन को ओवरटेक कर रोक लिया, वाहन में तोड़फोड़ की, पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज और मारपीट की तथा आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि घटना के बाद भी सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं।
ओवरटेक कर रोका पुलिस का वाहन
जानकारी के अनुसार, मझगवां थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 51/26 के फरार आरोपी अजय जायसवाल उर्फ अज्जू की तलाश में पुलिस टीम शनिवार को सतना शहर के महदेवा-पतेरी क्षेत्र पहुंची थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर निजी वाहन से मझगवां ले जाना शुरू किया शाम करीब 5:50 बजे सिविल लाइन तिराहा स्थित कोठी रोड पर एक काले रंग की कार ने पुलिस के वाहन को ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद कार में सवार लोगों ने पुलिस वाहन को घेर लिया और आरोपी को छुड़ाने के उद्देश्य से तोड़फोड़ शुरू कर दी। पथराव में वाहन का शीशा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
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पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और जान से मारने की धमकी
एफआईआर के अनुसार हमलावरों ने पुलिस दल के साथ गाली-गलौज की, हाथापाई की और जान से मारने की धमकी भी दी। वाहन में मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे, एएसआई जय सिंह बागरी, आरक्षक रविकांत यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे।एएसआई जय सिंह बागरी की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मोनू शुक्ला निवासी महदेवा और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी और अन्य आरोपों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं एफआईआर में उल्लेख है कि मझगवां पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए यूपी नंबर (UP-71-BE-6124) के एक निजी वाहन का उपयोग कर रही थी स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह वाहन कथित मवेशी तस्कर निहाल अख्तर से जुड़ा हुआ है, जबकि जिस मामले में अजय जायसवाल आरोपी है, उसमें निहाल अख्तर का बेटा सैफ अख्तर भी मुख्य आरोपियों में शामिल बताया जाता है और वह लंबे समय से फरार है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस द्वारा नहीं की गई है। इसी वजह से यह सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस ने इस वाहन का उपयोग किस आधार पर किया। साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि हमले के नामजद आरोपी के कुछ पुलिसकर्मियों से करीबी संबंध हैं। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
आईजी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ था मूल मामला
बताया जा रहा है कि जिस मूल मामले में अजय जायसवाल फरार आरोपी था, उसमें मुख्य आरोपी सैफ अख्तर समेत अन्य लोगों पर ट्रक चालक और खलासी के साथ मारपीट, कट्टे की नोक पर ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर कराने और लूट जैसे गंभीर आरोप लगे थे शिकायतकर्ता के अनुसार प्रारंभ में मामला दर्ज नहीं किया गया था, लेकिन बाद में रीवा रेंज के आईजी के हस्तक्षेप के बाद 6 जनवरी को मझगवां थाना में सैफ अख्तर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उस प्रकरण में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी सहित अन्य अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Indore: अधूरी इंदौर-उज्जैन सड़क बनी हादसे की वजह, गिर रहे वाहन चालक; गिट्टी, कीचड़ व गहरे गड्ढों से बढ़ा खतरा
जांच पर टिकी निगाहें
पुलिस टीम पर हमले की इस घटना ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस हमले के आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करती है और निजी वाहन के उपयोग सहित उठे अन्य आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
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आरोप है कि आरोपी के साथियों ने पुलिस के वाहन को ओवरटेक कर रोक लिया, वाहन में तोड़फोड़ की, पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज और मारपीट की तथा आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि घटना के बाद भी सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं।
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ओवरटेक कर रोका पुलिस का वाहन
जानकारी के अनुसार, मझगवां थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 51/26 के फरार आरोपी अजय जायसवाल उर्फ अज्जू की तलाश में पुलिस टीम शनिवार को सतना शहर के महदेवा-पतेरी क्षेत्र पहुंची थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर निजी वाहन से मझगवां ले जाना शुरू किया शाम करीब 5:50 बजे सिविल लाइन तिराहा स्थित कोठी रोड पर एक काले रंग की कार ने पुलिस के वाहन को ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद कार में सवार लोगों ने पुलिस वाहन को घेर लिया और आरोपी को छुड़ाने के उद्देश्य से तोड़फोड़ शुरू कर दी। पथराव में वाहन का शीशा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
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पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और जान से मारने की धमकी
एफआईआर के अनुसार हमलावरों ने पुलिस दल के साथ गाली-गलौज की, हाथापाई की और जान से मारने की धमकी भी दी। वाहन में मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे, एएसआई जय सिंह बागरी, आरक्षक रविकांत यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे।एएसआई जय सिंह बागरी की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मोनू शुक्ला निवासी महदेवा और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी और अन्य आरोपों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं एफआईआर में उल्लेख है कि मझगवां पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए यूपी नंबर (UP-71-BE-6124) के एक निजी वाहन का उपयोग कर रही थी स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह वाहन कथित मवेशी तस्कर निहाल अख्तर से जुड़ा हुआ है, जबकि जिस मामले में अजय जायसवाल आरोपी है, उसमें निहाल अख्तर का बेटा सैफ अख्तर भी मुख्य आरोपियों में शामिल बताया जाता है और वह लंबे समय से फरार है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस द्वारा नहीं की गई है। इसी वजह से यह सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस ने इस वाहन का उपयोग किस आधार पर किया। साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि हमले के नामजद आरोपी के कुछ पुलिसकर्मियों से करीबी संबंध हैं। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
आईजी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ था मूल मामला
बताया जा रहा है कि जिस मूल मामले में अजय जायसवाल फरार आरोपी था, उसमें मुख्य आरोपी सैफ अख्तर समेत अन्य लोगों पर ट्रक चालक और खलासी के साथ मारपीट, कट्टे की नोक पर ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर कराने और लूट जैसे गंभीर आरोप लगे थे शिकायतकर्ता के अनुसार प्रारंभ में मामला दर्ज नहीं किया गया था, लेकिन बाद में रीवा रेंज के आईजी के हस्तक्षेप के बाद 6 जनवरी को मझगवां थाना में सैफ अख्तर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उस प्रकरण में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी सहित अन्य अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
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जांच पर टिकी निगाहें
पुलिस टीम पर हमले की इस घटना ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस हमले के आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करती है और निजी वाहन के उपयोग सहित उठे अन्य आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

सतना में बेखौफ बदमाशों का हमला, पुलिस टीम से मारपीट और पथराव।

सतना में बेखौफ बदमाशों का हमला, पुलिस टीम से मारपीट और पथराव।
