{"_id":"6874d9d0a6a2dc403e0f8aa4","slug":"satna-news-tragic-accident-two-girls-who-went-to-wash-their-feet-drowned-in-a-borewell-never-returned-home-satna-news-c-1-1-noi1385-3165916-2025-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Satna News: खेत में धान का रोपा लगा रही दो बच्चियां बोरवेल में गिरीं, तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं बचीं जीवित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Satna News: खेत में धान का रोपा लगा रही दो बच्चियां बोरवेल में गिरीं, तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं बचीं जीवित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: सतना ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jul 2025 04:10 PM IST
विज्ञापन
सार
सतना के हिलौंधा गांव में खुले बोरवेल में गिरने से दो नाबालिग लड़कियों की मौत हो गई। बारिश से ढंकी मिट्टी धंसने पर हादसा हुआ। एक शव निकालने के लिए सात घंटे मशक्कत करना पड़ी।
घटना स्थल से दिल दहला देने वाली तस्वीर (फोटो:अमर उजाला)
विज्ञापन
विस्तार
सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के हिलौंधा गांव में रविवार शाम दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। खेत की मिट्टी में छुपा एक खुला बोरवेल दो मासूम जिंदगियों को निगल गया। धान की रोपाई के बाद पैर धोने गईं दो नाबालिग लड़कियां, 16 वर्षीय सोमवती साकेत और 13 वर्षीय दुर्गा साकेत, बोरवेल में गिर गईं। दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।
Trending Videos
गांव वालों के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चियां खेत में पैर धो रही थीं। वहां एक पुराना बोरवेल था, जिसे पहले खोदा गया था, लेकिन पानी न मिलने पर उसे बंद कर दिया गया था। किसान ने केसिंग पाइप निकालकर गड्ढे को मिट्टी से भर दिया था। हाल की बारिशों में मिट्टी धंस गई और यह गड्ढा फिर से गहरा हो गया। बारिश का पानी भरने से किसी को यह अंदाज़ा नहीं हो सका कि यह मौत का कुआं बन चुका है। दुर्गा मूल रूप से करही कोठार की रहने वाली थी, लेकिन वह अपने मामा के साथ करहिया गांव में रह रही थी। सोमवती भी उसी गांव की निवासी थी। दोनों अपने परिजनों के साथ हिलौंधा गांव धान की रोपाई के लिए आई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- राजगढ़ से लौटते वक्त SI को वाहन ने मारी टक्कर, मौत; हादसा या साजिश? पुलिस जांच में जुटी
गांव में पसरा मातम
हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। स्थानीय लोग, पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। सोमवती का शव कुछ घंटों में निकाल लिया गया, लेकिन दुर्गा का शव लगभग सात घंटे बाद तब मिला जब जेसीबी बुलाकर खेत की मेड़ काटी गई और पानी निकाला गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं का जमावड़ा लग गया। एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी और पूर्व विधायक मौके पर पहुंचे।
ये भी पढ़ें- बारिश में खेल रहा बच्चा पानी में तड़पा, टूटा तार बना करंट का जाल
कुछ समय पहले रीवा में हुआ था हादसा
कुछ ही समय पहले रीवा में भी इसी तरह की एक घटना सामने आई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी खुले बोरवेल को चिन्हित कर बंद किया जाए। सतना कलेक्टर ने भी आदेश जारी किए थे, लेकिन यह हादसा बताता है कि कागजों पर दिए गए आदेश जमीन पर कितना असर कर रहे हैं।

कमेंट
कमेंट X