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Seoni News: पेंच टाइगर रिजर्व में सात महीने की मादा बाघ शावक की रहस्यमयी मौत, जांच में जुटे अधिकारी

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी Published by: सिवनी ब्यूरो Updated Tue, 29 Apr 2025 09:32 PM IST
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सार

पेंच टाइगर रिजर्व में सात महीने की मादा बाघ शावक की रहस्यमयी मौत हो गई है। मौत की सूचना पर अधिकारी जांच में जुट गए हैं।

Seoni News Mysterious death of seven-month-old female tiger cub in Pench Tiger Reserve
बाघ की जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सिवनी के विश्व प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व में एक दुखद घटना सामने आई है। जहां सोमवार शाम को कर्माझिरी परिक्षेत्र की बायसन बीट में एक सात माह की मादा बाघ शावक की मृत्यु हो गई। इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के अधिकारियों के बीच चिंता पैदा कर दी है।

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पेंच टाइगर रिजर्व के उप संचालक रजनीश सिंह ने मंगलवार दोपहर एक बजे इस घटना की जानकारी साझा की। उनके अनुसार, गश्ती दल को सोमवार शाम नियमित निगरानी के दौरान बायसन बीट क्षेत्र में एक बाघ शावक अचेत अवस्था में दिखाई दिया। शावक के पास उसकी मां बाघिन भी मौजूद थी, जो अपने शावक की रक्षा में तत्पर थी। बाघिन की आक्रामक मौजूदगी के कारण गश्ती दल तुरंत शावक तक नहीं पहुंच सका।
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हाथी दल की मदद से निगरानी, लेकिन शावक ने तोड़ा दम
स्थिति को नियंत्रित करने और शावक की स्थिति का जायजा लेने के लिए वन विभाग ने तुरंत हाथी दल की सहायता ली। हाथी दल ने बाघिन को सुरक्षित दूरी पर रखते हुए शावक पर निगरानी बनाए रखी। इस दौरान वन कर्मियों ने शावक की स्थिति को बेहतर करने की हर संभव कोशिश की, लेकिन कुछ ही समय बाद शावक ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्तब्ध कर दिया।

पोस्टमॉर्टम और वैज्ञानिक जांच शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की गई। वन्यप्राणी चिकित्सकों की एक टीम को मौके पर बुलाया गया, और नियमानुसार शावक का पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम के दौरान मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक सैंपल एकत्र किए गए। इन सैंपलों को वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि शावक की मृत्यु के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

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पोस्टमॉर्टम के बाद मृत शावक के शव को आगे की जांच और विश्लेषण के लिए नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर भेज दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

पेंच टाइगर रिजर्व में बाघों की स्थिति
पेंच टाइगर रिजर्व, जो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है, भारत के प्रमुख बाघ संरक्षण क्षेत्रों में से एक है। यह रिजर्व न केवल बाघों, बल्कि अन्य वन्यजीवों जैसे तेंदुआ, जंगली सुअर, नीलगाय और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के लिए भी जाना जाता है। हाल के वर्षों में, पेंच टाइगर रिजर्व में बाघों की आबादी में वृद्धि देखी गई है, जो वन विभाग के संरक्षण प्रयासों का परिणाम है। हालांकि, इस तरह की घटनाएं संरक्षण के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करती हैं।

चिंता का विषय और भविष्य की कार्रवाई
इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों और स्थानीय समुदाय के बीच कई सवाल खड़े किए हैं। क्या शावक की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई, या इसके पीछे कोई मानवीय हस्तक्षेप है? क्या रिजर्व में बाघों की निगरानी और स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है? इन सभी सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट के बाद ही मिल सकेंगे।

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उप संचालक रजनीश सिंह ने बताया कि वन विभाग इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता रिजर्व में रहने वाले सभी वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण है। शावक की मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने और सैंपल की वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है। तब तक, वन्यजीव प्रेमी और संरक्षणवादी इस दुखद घटना से उबरने और भविष्य के लिए बेहतर रणनीति तैयार करने की दिशा में विचार-मंथन कर रहे हैं।

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