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MP: जिंदा महिला को रिकॉर्ड में बताया मृत, लाड़ली बहना समेत योजनाओं का लाभ बंद; सहायक पर कार्रवाई के निर्देश

Wed, 19 Aug 2026 09:31 AM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: शहडोल ब्यूरो Updated Wed, 19 Aug 2026 09:31 AM IST
सार

शहडोल की जनसुनवाई में एक महिला ने शिकायत की कि रोजगार सहायक ने उसे सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर समग्र पोर्टल से उसका नाम हटा दिया, जिससे वह लाड़ली बहना योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो गई। कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने मामले की जांच कर रोजगार सहायक की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए। 

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Shahdol Woman Declared Dead on Paper Deprived of Ladli Behna Yojana Scheme Benefits
शहडोल कमिश्नर से शिकायत करती हुई महिला - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

शहडोल जिले के सोहागपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत देवगवां, कटहरी निवासी रामवती सिंह को रोजगार सहायक ने सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया। महिला का नाम समग्र पोर्टल से हटाए जाने के कारण वह खाद्य पोर्टल और लाड़ली बहना योजना समेत अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो गई। कमिश्नर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में महिला ने कमिश्नर सुरभि गुप्ता से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
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सरकारी योजनाओं से वंचित हुई महिला
रामवती सिंह ने बताया कि 21 नवंबर 2024 को उन्हें मृत घोषित कर समग्र पोर्टल से नाम हटा दिया गया था। इसके बाद उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने संयुक्त आयुक्त विकास से मामले की जानकारी ली और जांच कर ग्राम पंचायत देवगवां के रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए। रामवती ने बताया कि वह पूर्व में भी इस मामले में कई बार अधिकारियों से मिलकर शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन किसी ने उनके मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अब कमिश्नर ने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की बात कही है।
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पटवारी-तहसीलदार पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप
जनसुनवाई में जैतपुर तहसील के पैरीबहरा निवासी मनकामना कुशवाहा ने पैतृक भूमि के सीमांकन में देरी और रिश्वत मांगने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि खसरा नंबर 359/1 के नक्शा तरमीम और सीमांकन के लिए करीब एक साल तीन माह पहले आवेदन किया था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि तहसीलदार और पटवारी ने 10 हजार रुपये की मांग की। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया। कमिश्नर ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर शहडोल को दिए।
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अन्य आवेदनों पर भी हुई सुनवाई
जनसुनवाई में अन्य आवेदनों पर भी सुनवाई हुई। कमिश्नर ने अधिकारियों को शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।
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