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Shajapur: पथरिया में उफना नाला बना जानलेवा, युवक तेज बहाव में बहा; ग्रामीणों ने छलांग लगाकर बचाई जान

Wed, 12 Aug 2026 08:56 PM IST
शाजापुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर Published by: शाजापुर ब्यूरो Updated Wed, 12 Aug 2026 08:56 PM IST
सार

गुलाना के पथरिया गांव में बारिश से उफनाए नाले में एक युवक बहने लगा, जिसे ग्रामीणों ने बचा लिया। नाले के दूसरी ओर खेती होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ता है। ग्रामीण वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं।

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Young man swept away in overflowing drain; villagers risked their lives to save him.
नाले में बहा युवक, ग्रामीणों ने बचाया।

विस्तार

लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। गुलाना तहसील की ग्राम पंचायत बांगली के मुरादपुर पथरिया गांव में नाला ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। सोमवार को नाला पार करते समय एक युवक तेज बहाव में बह गया। युवक के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने नाले में छलांग लगाकर काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि उसकी जान बच गई।

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जानकारी के अनुसार गांव निवासी लाखन सिंह गुर्जर का पुत्र हरिओम नाले के दूसरी ओर जंगल में बने मकान से दूध लेकर वापस गांव लौट रहा था। इसी दौरान नाले में पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। नाला पार करते समय संतुलन बिगड़ने से हरिओम पानी के तेज बहाव में बहने लगा। उसे तैरना भी नहीं आता था। मदद के लिए उसकी चीख सुनकर किनारे पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत पानी में छलांग लगाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

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नाले के एक तरफ गांव, दूसरी ओर खेती की जमीन
ग्रामीणों के अनुसार करीब 200 परिवारों वाले पथरिया गांव की आबादी लगभग 1200 है, जबकि करीब 900 मतदाता हैं। ग्रामीणों की 80 प्रतिशत से अधिक खेती की जमीन नाले के दूसरी ओर है। गांव के चार-पांच परिवारों ने नाले के उस पार जंगल में मकान भी बना रखे हैं। बारिश के दिनों में खेतों तक पहुंचने, मवेशियों के लिए चारा लाने और अन्य जरूरी कामों के लिए ग्रामीणों को मजबूरी में उफनता नाला पार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में नाले का बहाव खतरा बढ़ा देता है। कई बार मवेशी भी नाले में बह चुके हैं और लोगों के बहने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।



चुनावी वादों में अटका पुल
सोमवार की घटना के बाद ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति नाराजगी दिखाई दी। राजेंद्र गुर्जर, पूर्व सरपंच मानसिंह गुर्जर, लाखन सिंह गुर्जर, सिद्धूलाल गुर्जर, प्रकाश मालवीय, आशाराम, पप्पू गुर्जर और रोहित मालवीय सहित ग्रामीणों ने बताया कि नाले पर पुल निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय प्रत्याशी पुल बनवाने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद समस्या को भुला दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई पीढ़ियां पुल की मांग करते हुए गुजर गईं, लेकिन आज भी बारिश के दिनों में उन्हें जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से नाले पर जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों और मवेशियों की जान खतरे में न पड़े।

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