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Shivpuri News: 27 साल बाद भगवा वेश में पकड़ा गया हत्या का आरोपी, नाम बदलकर झांसी में बना बैठा था आचार्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: शिवपुरी ब्यूरो
Updated Mon, 25 May 2026 03:54 PM IST
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सार
शिवपुरी पुलिस ने 27 साल पुराने हत्या मामले में फरार आरोपी देवपाल लोधी को झांसी से गिरफ्तार किया। आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए भगवा वस्त्र धारण कर “आचार्य” नाम अपना लिया था। जमीन विवाद में महिला की हत्या के बाद वह फरार था। पुलिस ने स्थायी वारंट पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा।
हत्या के प्रकरण में फरार आरोपी 27 साल बाद आचार्य के रूप में रहता रहा
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विस्तार
शिवपुरी जिले की दिनारा थाना पुलिस ने 27 साल पुराने हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी देवपाल लोधी ने पहचान छिपाने के लिए न सिर्फ भगवा वस्त्र धारण कर लिए थे, बल्कि आधार कार्ड में सरनेम बदलकर आचार्य भी करवा लिया था। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के ग्राम लिधोरा से पकड़ा।
मामला वर्ष 1999 का है। बम्हारी इलाके में जमीन के विवाद को लेकर एक महिला की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि देवपाल लोधी समेत 13 लोगों ने एक राय होकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद देवपाल फरार हो गया। उस समय उसकी उम्र 27 साल थी। अब पुलिस ने उसे 62 साल की उम्र में गिरफ्तार किया है।
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इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने 13 आरोपियों को नामजद किया था। न्यायालय ने सुनवाई के बाद सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं चार आरोपी सबूतों के अभाव में दोषमुक्त हो गए थे। दो आरोपी फरार थे। फरार आरोपियों में से एक की मौत हो चुकी है। देवपाल पिछले 27 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था।
पुलिस अधीक्षक यांगचैन डोलकर भूटिया ने बताया कि देवपाल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पूरी पहचान बदल ली थी। उसने लोधी सरनेम हटाकर आधार कार्ड में आचार्य लिखवा लिया। पीले वस्त्र पहनकर वह झांसी के लिधोरा गांव में रहने लगा। गांव में खुद को धर्म प्रचारक बताता था। स्थानीय लोगों के बीच आचार्य के नाम से पहचान बना ली थी।
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जांच में चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया। जिस जमीन को लेकर 1999 में हत्या हुई थी, उसी जमीन को देवपाल ने पिछले साल 22 लाख रुपये में बेच दिया। पुलिस के अनुसार देवपाल उस रकम से लिधोरा में आश्रम बनाने की तैयारी कर रहा था। जमीन बेचने के लिए वह चोरी छिपे शिवपुरी आया था। इसी दौरान पुलिस को उसके बारे में सुराग मिला। दिनारा थाना प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हत्या का फरार आरोपी झांसी में साधु के वेश में रह रहा है। सूचना को पुख्ता करने के बाद पुलिस टीम ने लिधोरा में दबिश दी। पीले वस्त्र पहने देवपाल को देखकर पहले तो पुलिस भी चौंक गई। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना असली नाम देवपाल लोधी बताया और 1999 की हत्या में शामिल होना कबूल किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को शिवपुरी लाया गया। पुलिस ने बताया कि देवपाल के खिलाफ स्थायी वारंट जारी था। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 27 साल तक फरार रहने के दौरान उसने अपना हुलिया और नाम पूरी तरह बदल लिया था।

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